कासगंज। पहाड़ों से छोड़े जा रहे बारिश के पानी से कछला गंगानदी में जलस्तर बढ़ने लगा है। लहरें फिर से हिलोरे मार रही हैं। कई दिनों से नदी में पानी बढ़ने से घाटों पर स्नान के दौरान सतर्कता बरती जा रही है। तमाम श्रद्धालु पर्वों पर पुण्य लाभ कमाने के लिए प्रतिदिन गंगा स्नान के पहुंच रहे हैं।
पिछले महीने पहाड़ो से एक साथ छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी से गंगा नदी में मध्यम बाढ़ के हालात बने, लेकिन बैराजों से पानी का दबाव धीमे धीमे कम किया जाने लगा। इससे नदी में भी पानी का दबाव कम हो गया, लेकिन पिछले कई दिनों से अब बैराजों से फिर से हजारों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है जो कछला गंगानदी में जलस्तर बढ़ा रहा है। पानी का प्रवाह भी तेज हो रहा है। इन दिनों पर्वो के चलते गंगा स्नान के लिए श्रद्धालु घाटों पर पहुंच रहे हैं। बढ़ रहा पानी खतरे का संकेत दे रहीं हैं। श्रद्धालुओं को सतर्कता बरतनी होगी।
जलस्तर पर एक नजर-
- 62726 क्यूसेक पानी हरिद्वार से छोड़ा गया।
- 42715 क्यूसेक पानी बिजनौर से छोड़ा गया।
- 63017 क्यूसेक पानी नरौरा से छोड़ा गया।
- 163 मीटर के निशान पर कछला पुल का जलस्तर।
नदी में साधारण बाढ़
कासगंज। कछला गंगानदी में तीस हजार से अधिक क्यूसेक पानी होने पर साधारण बाढ़ के हालात पैदा हो जाते हैं। इन दिनों नरौरा से पानी 63 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। इसलिए साधारण बाढ़ के हालात बने हुए हैं।
- कछला गंगानदी में पानी बढ़ रहा है। बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन अब नदी में बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। संजय शर्मा, बाढ़ प्रभारी।