कासगंज। गंगा की बाढ़ और कटान की आपदा झेलने वाले इलाकों को अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सिंचाई विभाग के द्वारा सर्वेक्षण करके चार स्थानों पर तटबंध बनाने के प्रस्ताव तैयार करके शासन को स्वीकृति के लिए भेजे हैं। शासन स्तर से प्रस्तावों पर मंजूरी के बाद धन अवमुक्त होने पर कार्य शुरू होगा। माना जा रहा है कि तटबंध बनने के बाद 20 गांव के 25000 लोगों को बाढ़ की समस्या निजात मिलेगी। कटान के लिए बरौना सर्वाधिक संवेदनशील स्थान है। यहां पिछले दो वर्षों से कटान की समस्या का सामना ग्रामीणों को करना पड़ा है। अब यहां के ग्रामीणों के लिए यह राहत की बात है कि सिंचाई विभाग के द्वारा बरौना पर तटबंधों के प्रस्ताव की योजना को तैयार किया है। पहले यहां पत्थर के पक्के तटबंध बनाने पर भी मंथन हुआ, लेकिन बाद में जियो ट्यूब के तटबंध बनाने पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगस्त माह में बरौना आगमन के दौरान कटान की समस्या के समाधान के लिए निर्देश दिए। सिंचाई विभाग ने बरौना का जहां प्रस्ताव तैयार किया है। ठीक इसी तरह से शहवाजपुर, मेहोल एवं कादरगंज में दो स्थानों पर तटबंध बनाए जाने के प्रस्ताव तैयार किए हैं। इन प्रस्तावों पर काम होने से करीब 20 से अधिक गांव के लोगों तक इसका लाभ पहुंचेगा और आगामी समय में बाढ़ और कटान की आपदा से निजात मिलने की उम्मीद रहेगी। इन 20 गांव में 25000 लोगों से अधिक आबादी सुरक्षित हो सकेगी। सिंचाई विभाग ने प्रस्तावों को तैयार करके शासन को भेज दिया है। जो स्वीकृति के अंतिम चरण में है। तकनीकी अध्ययन की रिपोर्ट के बाद यह प्रस्ताव स्वीकृत हो जाएंगे।