कासगंज के बरौना गांव में गंगा का जलस्तर बढ़ने से क्षतिग्रस्त हुआ ग्रामीण भूरे का मकान।
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कासगंज। गंगा में पिछले 48 घंटे से जलस्तर जस का तस है। बांधों के कटने का खतरा बना हुआ है। इससे ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। इन्हें डर है कि कोई बांध कटा तो पानी खेतों और आबादी में पहुंच जाएगा। बारिश में पहले से ही बांध कई जगह कट चुके हैं। कई कमजोर हैं। हालांकि सिंचाई विभाग बांधों की निगरानी कर रहा है। महकमे की जलस्तर पर भी निगाह बनी हुई है। कटान पीड़ित बरौना गांव के ग्रामीण बेहद परेशान हैं। गंगा की धारा आबादी की ओर पहुंच चुकी है। कभी भी कटान के हालात पैदा हो सकते हैं।
बुधवार को नरौरा से डिस्चार्ज बढ़ने के कारण गंगा 163.65 मीटर के निशान पर थीं। बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर जस का तस रहा। नरौरा का डिस्चार्ज बृहस्पतिवार को भी बढ़ा हुआ था। यह ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय है। बगवास, नरदौली, मेहोला, शहबाजपुर इलाके के लोगों को बांध कटने का अंदेशा है। पिछले माह बगवास और नवाबगंज नगरिया इलाके में बांध कटने से 20 गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए थे। खेतों में पानी भर गया था। पानी ने आबादी तक दस्तक दे दी थी। बाढ़ से 1200 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई थी। कटान पीड़ित बरौना गांव बड़ी मुश्किल का सामना कर रहा है। किसानों की काफी जमीन गंगा में समा चुकी है। मुख्य सड़क भी कट गई है। गांव में टापू जैसे हालात हैं। गांव में पानी की दस्तक है। कटान का खतरा बढ़ रहा है। बरौना के अशोक शाक्य का कहना है कि भूरे का पक्का मकान गंगा की लहरों से दरकने लगा है। वह कभी भी गिर सकता है।
बैराजों से डिस्चार्ज की स्थिति
- हरिद्वार बैराज से 32095 क्यूसेक
- बिजनौर बैराज से 36067 क्यूसेक
- नरौरा बैराज से 81336 क्यूसेक