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गंगा घाटों पर गूंजे हर हर गंगे के जयकारे

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कासगंज में गुरू पूर्णिमा पर सोरों की हरि की पौडी पर स्नान करते श्रद्वालु । - फोटो : KASGANJ
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कासगंज/सोरों। आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने कछला गंगाघाट, लहरा गंगा घाट, कादरगंज गंगाघाट व तीर्थनगरी में हरिपदी गंगा पर गंगा स्नान किया। श्रद्धालुओं ने मंदिरों पर पूजा अर्चना कर मनौतियां मांगी।
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श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के जयकारे लगाते हुए ब्रह्म मुुुहूर्त से ही गंगा के पवित्र जल में डुबकी लगाना शुरू कर दिया। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आरती उतार कर प्रसाद चढ़ाया। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने हरिपदी गंगा की परिक्रमा लगाई। परिक्रमा मार्ग में बैठे साधु संतों को व आश्रमों में निवास करने वाले महात्माओं को श्रद्धालुओं ने शरबत से भरे घड़े, मिष्ठान, पंखे आदि का दान कर आशीष प्राप्त किया। तीर्थपुुरोहितों से अपने पूर्वजों की आत्म शांति के लिए अनुुष्ठान कराकर श्रद्धालुुओं ने उन्हें वस्त्र, दक्षिणा भेंट कर भोजन कराया। वराह मंदिर, बाला जी दरबार, गणपति, रघुनाथ जी, सिद्ध हनुमान, द्वारिकाधीष, सोमेश्वर, पंच महाशक्ति, बटुकनाथ, ग्राम देवी मंदिर, त्रिमहाशक्ति कालिका मंदिर, मानस मंदिर ,शनिदेव मंदिर आदि में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
वाहनों की लगी लंबी कतारें, जाम के भी बने हालात
कासगंज। आषाढ़ पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने के लिए लोग बड़ी संख्या में ट्रेनों एवं बसों से गंगा घाटों पर पहुंचे। ट्रेनों में और बसों में खासी भीड़ थी। श्रद्धालु निजी वाहनों से भी गंगा घाटों पर पहुंच रहे थे। जिसके कारण वाहनों की लंबी कतार मार्गों पर लग गई। सोरों एवं कछला गंगा घाट के समीप कई बार जाम के हालात भी बनें।
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आषाढ़ पूर्णिमा पर माता का बासौड़ा पूजन किया
सोरों। गुुप्त नवरात्र की समाप्ति के बाद तीर्थनगरी में माता का बासौड़ा पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने एक दिन पूर्व ही अपने घरों में पूड़ी पकवान बना कर रख लिए। माता का जगराता करने के बाद सुबह ब्रह्म मुहूर्त में ही हरिपदी गंगा में स्नान किया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने चक्रतीर्थ स्थित शीतला माता मंदिर पर मातरानीको बासौड़ा व्यंजन के भोग लगाए और मनोतियां मांगी। अपने परिवार को चेचक, खसरा आदि संक्रामक रोगों के प्रकोप से बचाव की प्रार्थना की। श्रद्धालुओं ने हरसिद्धी, बटुकनाथ, ग्राम्यदेवी, पंचमहाषक्ति, भादवा माता, 84 घंटे वाली माता, वैष्णो देवी, संतोषी माता, नवदुर्गा आदि माता रानी के मंदिरों में भी पहुंचकर पूजा अर्चना कर बासौडा भोग लगाया।
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