दशहरा : बटेश्वर तीर्थ यमुना घाट जहाँ उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़ l
बटेश्वर । गंगा दशहरा पर्व पर सोमवार को बटेश्वर में आस्था का सैलाब उमड़ेगा। यमुना नदी में स्नान और भगवान शिव के दर्शन के लिए आगरा सहित आसपास के कई जिलों और मध्य प्रदेश, राजस्थान से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
तड़के से ही यमुना के घाट हर-हर महादेव और गंगा मैया के जयकारों से गुंजायमान होने लगेंगे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार गंगा दशहरा पर विशेष संयोग बन रहे हैं, जिससे इस दिन किए गए स्नान और दान का पुण्य फल कई गुना बढ़ जाता है। बटेश्वर के मुख्य पुजारी जयप्रकाश गोस्वामी ने बताया कि रविवार तड़के ब्रह्म मुहूर्त से ही यमुना नदी में पवित्र स्नान की शुरुआत हो जाएगी। श्रद्धालु यमुना में डुबकी लगाने के बाद भगवान बटेश्वर नाथ (शिवजी) पर जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक करेंगे। इसके बाद घाटों पर दान-पुण्य की रस्म निभाई जाएगी।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, बैरिकेडिंग और गोताखोर तैनात लाखों की भीड़ की संभावना को देखते हुए बाह तहसील प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। गहरे पानी में स्नान पर रोक रहेगी। इस मौके पर पूर्वी सर्किल के अधिकांश थानों का पुलिस फोर्स तैनात रहेगा।
गंगा दशहरा पर्व का पौराणिक महत्व
बटेश्वर । इस गंगा दशहरा पर्व का पौराणिक महत्व ये है माना जाता है कि राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों की आत्म शांति के लिए कठोर तप किया तब ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को गंगा पृथ्वी पर आई थी। और भगवान शिव ने गंगा के तीव्र वेग को अपनी जटाओं में संभाला था।
दशहरा करता है दस प्रकार के पापों का नाश
दशहरा शब्द का अर्थ है दस प्रकार के पापों को हरने वाला धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन गंगा में डुबकी लगाने से मनुष्य के तीन प्रकार के दैहिक (शारीरिक ) चार प्रकार के वाणी द्वारा किए गए और तीन प्रकार के मानसिक यानि कुल 10 तरह के पापों का नाश होता है।