इस वर्ष गंगा दशहरा पर्व 25 मई को एक विशेष संयोग में मनाया जाएगा। शहर से देहात तक महिलाओं में खासा उत्साह है। वह मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाने और दान-पुण्य की तैयारियों में जुटी हैं। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि 25 मई को सोमवार पड़ने से यह विशेष पुण्य फलदायी है। मान्यता है कि गंगा स्नान से 10 प्रकार के पापों का नाश होता है, इसलिए इसे दशहरा कहा जाता है। जो लोग गंगा स्नान नहीं कर सकते, वे घर पर गंगाजल और पांच बेलपत्र डालकर ‘हर हर गंगे’ जाप करते हुए स्नान कर सकते हैं।
बाजारों में पूजन सामग्री की दुकानें सज गई हैं। सत्तू, मटका, हाथ का पंखा और मौसमी फलों की खूब खरीदारी हो रही है। सोमवार को सुबह 7:11 बजे से 8:53 बजे तक राहु काल रहेगा। इससे स्नान राहु काल से पहले या बाद में करना शुभ रहेगा।
सुख-समृद्धि की करेंगे कामना
कौशलपुर निवासी राधा ने बताया कि हर साल गंगा दशहरा का व्रत रखते हैं। इस बार भी सुबह घाट पर जाकर मां गंगा का पूजन और दीपदान करने की तैयारी है। पूजा के लिए सत्तू, आम और खरबूजा खरीद लिया है। मां गंगा से पूरे परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
घर पर ही करेंगे पूजन
दयालबाग निवासी पूजा ने बताया कि गर्मी और भीड़ को देखते हुए इस बार मैंने घर पर ही गंगाजल डालकर स्नान करने का संकल्प लिया है। इसके बाद मां गंगा की आरती और घर में भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। दोपहर में सामर्थ्य अनुसार जरूरतमंदों को ठंडा पानी, शरबत और सत्तू का दान करेंगी।