जनपद के इतिहास की सबसे बड़ी कैश लूट बर्खास्त सिपाही देवेंद्र जाट के गिरोह ने की थी। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार कर उनके पास से 29.10 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। देवेंद्र समेत सात अपराधी फरार बताए गए हैं। कागारौल में पशु व्यापारी रफीक और उसके भतीजे चंदा उर्फ भल्ला के साथ 28 दिसंबर 2015 की शाम हुई इस वारदात की मुखबिरी सादाबाद (हाथरस) के जाहिद नाम के पशु व्यापारी ने की थी।
हालांकि घटना के बाद सूचना एक करोड़ की लूट की दी गई थी। रफीक और भल्ला संजय प्लेस स्थित एक्सिस बैंक शाखा से 50 लाख रुपये निकालकर ले गए थे। इसके अलावा उधारी में दी गई इतनी ही रकम पशु व्यापारियों से वापस मिली थी। इस तरह से कुल कैश एक करोड़ बताया गया था, लेकिन एफआईआर में रकम 50 लाख बताई गई थी। जनपद में 50 लाख कैश भी पहले कभी नहीं लूटे गए थे।
दोनों व्यापारी स्विफ्ट डिजायर कार से आगरा से कागारौल लौट रहे थे। रास्ते में इनोवा सवार बदमाशों ने फायरिंग कर कैश लूटा और गोलियां चलाते हुए भागे थे। कार ककुआ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो जान पर वे पैदल ही भाग निकले थे। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में खुलासे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह वारदात देवेंद्र जाट के गिरोह ने अंजाम दी थी। देवेंद्र बर्खास्त सिपाही है। उसकी तलाश की जा रही है। उधर, घटना के खुलासे में क्राइम ब्रांच प्रभारी आशीष कुमार सिंह, प्रभारी सर्विलांस सेल नितिन कसाना और थानाध्यक्ष कागारौल हरीशंकर चंद शामिल रहे।
गिरफ्तार लुटेरे : नरेंद्र उर्फ दीपू (करौंधना, थाना इरादतनगर, हाल पता कहरई मोड़, शमसाबाद रोड), जितेंद्र उर्फ कंजा (चहत्तर, थाना सादाबाद, हाथरस), कुलदीप उर्फ कलक्टर (अनौड़ा, राया, मथुरा,) व जाहिद (मोहल्ला व्यापारियन, थाना सादाबाद, हाथरस)
फरार अपराधी : देवेंद्र जाट (ग्राम ऊधर, थाना मांट, मथुरा), सौरभ, दिनेश उर्फ दिन्ना (थाना राया, मथुरा) संतोष (मुरसान, हाथरस), नीरज (वृंदावन, मथुरा), पिंटू और सोनू उर्फ सोनवीर (राया, मथुरा) फरार हैं।
बरामदगी : गिरफ्तार अभियुक्तोें की निशानदेही पर लूट की रकम में से 29.10 लाख रुपये, नई पल्सर बाइक, स्कॉर्पियो गाड़ी, .9 एमएम पिस्टल, एक रिवाल्वर और दो तमंचे।
26 को रिहर्सल किया, 28 को वारदात
बर्खास्त सिपाही देवेंद्र पेशेवर अपराधी बन चुका है। उसने पुलिस की नाक में दम कर रखा है। वारदात भी पूरी तैयारी के साथ करता है। पुलिस के तमाम हथकंडे जानता है, इसलिए उसे पकड़ना भी आसान नहीं। उसने दो दिन पहले रिहर्सल किया था। संजय प्लेस से लेकर कागारौल तक दो कार से पूरे गैंग ने हर रास्ता देखा। लूट के लिए बदमाश दो गाड़ी में आए। आधे स्कार्पियों में, शेष इनोवा में।
साथी की सफलता बर्दाश्त नहीं कर पाया जाहिद
एसएसपी ने बताया कि आरोपी जाहिद पशु व्यापारी है। वह चंदा के साथ ही व्यापार करता है। चंदा पशु खरीदकर अलीगढ़ और कुबेरपुर के स्लाटर हाउस में लेकर जाता है। उनका व्यापार बढ़ने के कारण उनकी गिनती अच्छे व्यापारियों में होने लगी। जाहिद इस कारण उनसे जलन महसूस करने लगा। इस पर जाहिद ने उनके साथ वारदात की योजना बनाई। वह व्यापारियों के साथ अक्सर पशु लेकर जाता था। जाहिद के भाई और चंदा का बैंक खाता एक्सिस बैंक की शाखा में है। जाहिद ने सादाबाद के ड्राइवर कुलदीप उर्फ कलक्टर से संपर्क किया। उसने पहले एक्सीडेंट करके व्यापारी को घायल करने की योजना बनाई। कलक्टर ने देवेंद्र जाट से संपर्क किया। जाहिद ने ही व्यापारियों की बैंक मेें रेकी की थी। उनके बैंक से निकलते ही बदमाशों को फोन किया था।
देवेंद्र पर दर्ज हैं 34 मुकदमे
बर्खास्त सिपाही मथुरा के मांट थाना क्षेत्र का देवेंद्र जाट 2001 से अपराध की दुनिया में है। एसएसपी ने बताया कि देवेंद्र पर आगरा, मथुरा और हाथरस के अलावा दिल्ली, गुजरात में हत्या, लूट, डकैती, धमकी सहित 34 मुकदमे दर्ज हैं। वह अंतर्राज्यीय गिरोह का सरगना है। उसकी आपराधिक गतिविधियों की वजह से पुलिस विभाग से बर्खास्त कर दिया गया था। वह अपने गैंग के सदस्यों को पुलिस से बचने के उपाय भी बताता है।
फर्जी आईडी के सिम इस्तेमाल करता है गैंग
बदमाशों ने वारदात में जिन सिम का इस्तेमाल किया वह फर्जी आईडी पर लिए गए थे। पुलिस जांच में यह सामने आया है। इस संबंध में पुलिस जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि दोषी रिटेलर और कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।