आगरा के सदर क्षेत्र से लापता हुईं दो सगी बहनों के अपहरण के मामले में पुलिस ने कोलकाता के बैरकपुर से दो लोगों को पकड़ा है। उन्हें तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर लाया जा रहा है। उनके साथ ही ऋषिकेश, बरेली और राजस्थान से एक-एक को पकड़ा है। उन्हें भी पूछताछ के लिए पुलिस ला रही है। युवतियों के मतांतरण कराने वाले गिरोह में फंसने की आशंका है।
सदर की युवतियां 24 मार्च को लापता हुई थीं। मामले में पिता ने थाना सदर में गुमशुदगी दर्ज कराई। इसमें उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के ऊधमपुर की एक युवती बेटियों का मतांतरण कराकर शादी कराने के लिए बहला-फुसला कर ले गई है। युवती एक बेटी के साथ खंदारी कैंपस में पढ़ती थी। वर्ष 2021 में वह उसको अपने साथ ले गई थी। रास्ते में लैंड स्लाइड हो गया था, तो वो बेटी को वापस ले आई थे। बेटी पूजा-पाठ का विरोध करने लगी थी। दूसरे धर्म की बात करती थी। बड़ी बहन ने छोटी बहन की भी सोच बदल दी। चार मई को पुलिस ने अपहरण की धारा में केस दर्ज कर लिया था।
डीजीपी के निर्देश पर सक्रिय हुई पुलिस
डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने साइबर थाना, सर्विलांस और एसओजी समेत पुलिस की कई टीमें लगाईं। बाद में पुलिस को बताया गया कि दोनों मतांतरण कराने वाले गिरोह के चंगुल में हैं। इस पर पुलिस टीम कोलकाता के बैरकपुर पहुंची। दोनों बहनों के बारे में जानकारी की। पता चला कि दोनों सुरक्षित हैं। उनकी बरामदगी के प्रयास चल रहे हैं। पुलिस ने कोलकाता के दो लोगों को पकड़ा है। दोनों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड दी। टीम दोनों को लेकर आगरा आ रही है। उधर एक टीम ने उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित समस्तीपुर में दबिश दी। यहां से एक अन्य को पकड़ा। उसे भी लाया जा रहा है। बरेली और राजस्थान के एक आरोपी को पकड़ा है। कुल पांच आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है।
छांगुर जैसा गिरोह होने की चर्चा, पुलिस आयुक्त का इन्कार
बलरामपुर का छांगुर बाबा उर्फ जलालउद्दीन धर्मांतरण के मामले में देशभर में चर्चाओं में है। उसे विदेशों से फंडिंग मिल रही थी। इस पर पुलिस आयुक्त दीपक कुमार का कहना है कि जिन दो लोगों को कोलकाता से पकड़ा है, उन्हें आगरा पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर ला रही है। उनका छांगुर बाबा से कोई कनेक्शन नहीं है। हालांकि, युवतियों को लाकर पूछताछ की जाएगी।