आज गणेश चतुर्थी है। भगवान गणपति घर घर में विराजेंगे। इसके साथ ही गणेशोत्सव की शुरुआत हो गई है। आगरा में गणपति बप्पा की स्थापना करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शहर में जगह जगह भव्य पंडाल सजाए गए हैं।
कॉलोनियों और गली-मोहल्लों में सजे पंडालों के लिए श्री गणेश भक्तों ने चार फुट से लेकर 12 फुट तक के गणेश जी की प्रतिमाएं खरीदीं। शहर के बाजारों से गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले गणेश प्रतिमाओं की खूब बिक्री हुई।
दयालबाग के शीतला धाम में महाराष्ट्र समाज के लोगों ने गणेश चतुर्थी पर भव्य पंडाल लगाया है। नौलक्खा बाजार में पिछले कई दिनों से गणेश जी के लिए तैयार किए जा रहे पंडाल का काम देर रात तक चलता रहा।
शहजादी मंडी स्थित सनातन धर्म मंदिर में गणेश चतुर्थी की पूर्व संध्या पर सजावट का काम चलता रहा। पश्चिमपुरी स्थित शेखर रेजीडेंसी के लोगों ने हर साल की तरह इस साल भी अपने आराध्य को शानदार पंडाल में विराजमान करने की तैयारी की है।
शेखर रेजीडेंसी विकास समिति का कहना है कि लोगों में गणेश उत्सव को लेकर काफी उत्साह दिखाई दे रहा है। यहां बच्चे गणेश स्तुति की तैयारी भी कर रहे हैं। श्री सिद्धि विनायक मंदिर, गोकुलपुरा में चंदन के गणेश जी की आज शोभायात्रा निकलेगी।
प्रतिमा स्थापना का शुभ मुहूर्त
आचार्य पंडित डॉ. हरिकृष्ण पाराशर ने बताया कि गणेश जी स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह छह बजे से साढ़े बजे तक है। इसके बाद दोपहर में 12 बजे से तीन बजे तक स्थापना की जा सकती है। प्रतिमा में इस बात का ध्यान रखें कि गणेश जी सूंड़ दाईं ओर हो वे प्रसन्नचित्त मुद्रा में हों।
ऐसे करें भगवान गणेश की स्थापना
गौरा सुत भगवान गणेश सभी विघ्नों का विनाश करने वाले हैं। गजानन की स्थापना करने से पहले उस स्थान को पवित्र कर लें, जहां उनकी प्रतिमा स्थापित करनी है। चौकी पर पीला या लाल वस्त्र बिछाकर गणेश प्रतिमा को स्थापित करें।
रोली, चंदन, अक्षत, हल्दी, सफेद पुष्प, दीप आदि अर्पित करें। षोडशोपचार करके उन्हें दूर्वा अर्पित की जाए। सिंदूर अर्पित करें, बूंदी लड्डू और मोदक का भोग लगाएं। दोपहर में पूजा करके भोग लगाएं और आरती करें। गणेश जी का मुख पूर्व या उत्तर की ओर हो।