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UP: बेशकीमती जमीनों को फर्जी तरीके से बेचने का खेल...रिमांड पर मास्टरमाइंड, खुलेंगे बड़े-बड़ों के राज

Fri, 24 Jan 2025 10:27 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

बोदला में बेशकीमती जमीन पर कब्जा हुआ, इसके बाद भी ये खेल रुका नहीं। अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहे। अब एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच एसआईटी को सौंपी गई है। 
 
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बेशकीमती जमीनों पर भूमाफिया की नजर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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आगरा शहर में बेशकीमती जमीनों को फर्जी तरीके से बेचने के खेल में बड़े-बड़े शामिल हैं। बोदला जमीन कांड के बाद भी विभागीय अधिकारियों की आंखें नहीं खुलीं। एक और फर्जीवाड़ा सामने आ गया। इस बार भी एसआईटी का गठन किया गया है। टीम में शामिल पुलिस अधिकारी और विवेचक पूरे खेल से पर्दा उठाने में लगे हुए हैं। मास्टरमाइंड अजय और प्रशांत शर्मा को रिमांड पर लेकर राज खोले जाएंगे। 
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एसआईटी के अध्यक्ष विनायक भोंसले ने बताया कि गिरोह के लिए काम करने वाले वालों की अलग-अलग भूमिका थी। देव दत्त शर्मा सेवानिवृत्त रिकाॅर्ड कीपर है। पूछताछ में पता चला कि वह गिरोह के सदस्यों के लिए फर्जी बैनामे को जिल्द बही में लगाने और असली को गायब करने के साथ ही तहसील से सत्यापित प्रतिलिपि देता था, जिसमें उसे 2-3 लाख रुपये मिलते थे। सुमित अग्रवाल ठेकेदारी करता है। वह भवन बनाने का ठेका लेता है। उसने अजय और प्रशांत के कहने पर फर्जी बैनामा कराया था। हालांकि वह खुद को निर्दोष बता रहा है। 

 

आरोपी ब्रजेश दुबे प्रापर्टी डीलर का काम करता है। वह अजय और प्रशांत शर्मा के लिए संपत्तियों को चिह्नित करता था। यह देखता था कि कोई जमीन कब से खाली पड़ी है। उनका फर्जी बैनामा कैसे तैयार कराया जा सकता है। उसे 10 से 15 लाख मिलते थे। राजकुमार जमीनों की सौदेबाजी में मध्यस्थ की भूमिका निभाता था।
 
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इससे पहले भी प्रशांत शर्मा को फर्जी बैनामे के मामले में जेल भेजा गया था। उसने मुस्तफा क्वार्टर की सरोज देवी के नाम से फर्जी इकरारनामा कराया था। इसके अलावा अन्य मामले में अजय सिसाैदिया को जेल भेजा गया था। एसीपी सदर विनायक भोंसले ने बताया कि दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया जाएगा। उनसे इस पूरे फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
 
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