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गल्ला मंडी में कारोबार शुरू, मक्का, बाजरा की कीमतें धड़ाम

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कासगंज। 41 दिन बाद मंगलवार को गल्ला मंडी खुलने से कारोबारी, किसान और श्रमिकों ने राहत की सांस ली है। किसानों को जानकारी नहीं होने ेकारण बहुत संख्या में ही वे मंडी पहुंचे। बुधवार को किसानों की संख्या में इजाफा हुआ है। मक्का व बाजार की कीमतों में काफी गिरावट हो गई है।
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पॉल्ट्री फार्म के लिए के मक्का बाजरा आदि की सप्लाई अधिक होती थी। लॉकडाउन में यह उद्योग काफी प्रभावित हो गया है। यहां सप्लाई नहीं होने से इसका असर मक्का, बाजरा की कीमतों पर हुआ है। लॉकडाउन के पहले बाजरा का भाव 1500 रुपये तो मक्का 1600 रुपये प्रति क्विंटल था। अब बाजरा 1250 रुपये तक और मक्का 1350 रुपये तक बिक रही है। इससे किसान मायूस हैं।
मक्का बाजरा की कीमतें कम होने से किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। इसी साल में मक्का 1800 से 2000 रुपये के भाव में बिकी थी। अब काफी कम कीमत है।- हाकिम सिंह, गोयती। -
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लॉकडाउन के कारण जिंस की कीमतें बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन यहां उलटा हो गया। मक्का बाजरा की कीमत 250 रुपये प्रति क्विंटल कम हो गई है। इससे किसानों को परेशानी होना स्वाभाविक है- भूप सिंह, गोयती।
पॉल्ट्री उद्योग की मांग न निकलने के कारण मक्का, बाजरा की कीमतों में गिरावट आई है। इस महामारी में पॉल्ट्री उद्योग काफी प्रभावित हुआ है। इसके कारण बाजार में मांग काफी कम हुई है- राजकुमार, गल्ला कारोबारी।
- पॉलिट्री उद्योग कोरोना की महामारी में काफी प्रभावित है। इसके अलावा बिहार राज्य की नई फसल भी बाजार में आ गई है। ट्रकों के भाड़े बढ़ गए हैं। इन सब कारणों के चलते मक्का, बाजरा की कीमतों में गिरावट हुई है- अमित मालू।
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