लोहामंडी, काजीपाड़ा, मंटोला होते हुए झलकारी बाई तिराहा पर यमुना में गिरने वाले इस नाले की सफाई व दुर्गंध दूर करने के लिए नगर निगम नाले में चार जगह बायोकल्चर केमिकल मिला रहा है।
आगरा में जी-20 देशों के मेहमानों को मंटोला नाले के नजदीक से गुजरते वक्त सीवर की दुर्गंध नहीं आए, इसके लिए नाले में गंगाजल डाला जा रहा है। नाले से होते हुए ताजगंज की ओर की पाइपलाइन से रविवार को दिनभर लाखों लीटर गंगाजल नाले में बहा दिया गया। नगर निगम और जलकल विभाग की इस अंधेरगर्दी पर सवाल खड़े हुए तो दोनों विभाग जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आए।
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आगरा किला के सामने झलकारी बाई तिराहा के पास शहर के सबसे बड़े मंटोला नाला का गंदा पानी यमुना नदी में गिरता है। इस नाले की सफाई के लिए एक महीने से नगर निगम जुटा है। यमुना किनारा मार्ग होकर जी-20 प्रतिनिधि गुजरेंगे। उनके रास्ते में यह नाला पड़ेगा। रविवार को दिनभर इस नाले में गंगाजल बहता रहा।
जब इस संबंध में नगर निगम के पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण से पूछा गया तो उनका कहना था कि उन्हें जानकारी नहीं है। नाले की दुर्गंध को दूर करने के लिए बायोकल्चर केमिकल इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, जलकल विभाग के सचिव वीबी सिंह का कहना है कि जीवनीमंडी से ताजगंज क्षेत्र के वार्डों में 24 घंटे गंगाजल सप्लाई नगर निगम कराता है। गंगाजल पाइपलाइन के लिए अधिशासी अभियंता जिम्मेदार हैं। उधर, नगरायुक्त निखिल टीकाराम फुंडे ने कहा कि इस मामले में जांच कराई जाएगी।
चार जगह मिला रहे केमिकल
लोहामंडी, काजीपाड़ा, मंटोला होते हुए झलकारी बाई तिराहा पर यमुना में गिरने वाले इस नाले की सफाई व दुर्गंध दूर करने के लिए नगर निगम नाले में चार जगह बायोकल्चर केमिकल मिला रहा है। नाले का डिस्चार्ज 15 करोड़ लीटर (150 एमएलडी) है। इसमें चमड़े की कतरन से लेकर सीवर तक बहता है। बिजली घर चौराहा, आगरा किला का हनुमान द्वार, पिंक टायलेट और झलकारी बाई तिराहा पर नाले की सफाई के लिए 200-200 लीटर क्षमता की टंकियां लगा रखी हैं। टंकियों से केमिकल नाले में डाला जाता है।