मथुरा। वृंदावन परिक्रमा मार्ग में बन रहा है नया शवदाह गृह।
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वृंदावन (मथुरा)। अगले माह से वृंदावन में आधुनिक शवदाह गृह काम करना शुरू कर देगा। इसका ट्रायल शुरू हो गया है। ट्रायल दौरान पॉल्यूशन फ्री संबंधी प्लांट के संचालन में खामियां सामने आई हैं, जिन्हें सुधार के लिए ग्रीन रिव्यूलेशन फाउंडेशन को निर्देशित किया गया है।
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा वृंदावन में करीब 3.39 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक शवदाह गृह का निर्माण कराया जा रहा है। यह कार्य अब अंतिम चरण में है। यमुना किनारे केसी घाट के निकट तैयार हो रहे इस आधुनिक शवदाह गृह में पॉल्यूशन फ्री अंतिम संस्कार होगा। इसके लिए आठ मशीन लगाई गई हैं। यह मशीन गाय के गोबर से तैयार होने वाले उपलों से शव का अंतिम संस्कार करेंगी। इस दौरान धुआं खुले आसमान में नहीं जाएगा। लेकिन मंगलवार को एक मशीन पर किए गए ट्रायल के दौरान बड़ी मात्रा में धुआं निकला और परिसर में फैल गया। इस पर ट्रायल के दौरान मौजूद अधिकारियों ने अप्रसन्नता व्यक्त की। इसमें सुधार के निर्देश दिए गए हैं। 30 अगस्त तक इस नवनिर्मित शवदाह गृह का संपूर्ण कार्य पूर्ण करना है।
निर्माणाधीन शवदाह गृह का ट्रायल शुरू हुआ है। इसमें कुछ खामियां भी सामने आई हैं। संबंधित एजेंसी को सुधार के निर्देश दिए हैं। अभी और भी कार्य होना बाकी है। इसके लिए एक माह का वक्त भी संबंधित एजेंसियों के पास है।
- कौशलेंद्र चौधरी, एक्सईएन मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण
शवदाह गृह में बनेगी ग्रह नक्षत्र वाटिका
यमुना के केसीघाट के निकट तैयार हो रहे आधुनिक शवदाह गृह में ग्रह नक्षत्र वाटिका स्थापना हो रही है। इसके लिए स्थल चयनित करते हुए ग्रह नक्षत्र के मुताबिक स्थापित होने वाले पौधों को रोपने की व्यवस्था की दी गई है। वहीं, आधुनिक शवदाह गृह में गाय के गोबर से उपले तैयार किए जाएंगे। इसके लिए यहां उपले तैयार करने वाली मशीन लगाई जाएगी। इन्हीं उपलों से शवों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।