दूध को क्रीम निकालकर विभिन्न डेयरी पर खपाया जाता है। इसकी कीमत 1.75 लाख रुपये है। इसे नष्ट कराने में करीब दो घंटे का समय लग गया। वहीं, खोआ की प्रारंभिक जांच में मिलावटी प्रतीत हुआ। इसे भी नष्ट करा दिया गया।
आगरा में खाद्य विभाग की टीम ने सैंया टोल प्लाजा पर दूध से भरा टैंकर पकड़ा। ये मुरैना से आ रहा था। चालक के इसके बिल नहीं दिखा पाया। दूध सपरेटा (क्रीम) निकालकर बिक्री के लिए जा रहा था। दुर्गंध भी आ रही थी। इसमें भरे 7 हजार लीटर दूध को नष्ट करा दिया है। फतेहाबाद में मिलावटी 145 किलो खोआ भी फिंकवा दिया है।
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सहायक आयुक्त द्वितीय खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर टीम सैंया टोल प्लाजा पर मंगलवार की रात करीब सात सक्रिय हो गई। मुरैना की ओर से टैंकर (एमपी 06 जीए, 3008) को रोककर जांच की। इसमें दूध था, जिसमें दुर्गंध भी आ रही थी। चालक रामनिवास कुशवाह से पूछताछ में बताया कि ये मुरैना के त्यागी दूध डेयरी का है। इससे दूध के बिल, लैब की जांच रिपोर्ट और खरीद-बिक्री का लाइसेंस मांगा तो वह दिखा नहीं पाया। इसे कभी मथुरा तो कभी अन्य जगह लेकर जाने की बात कही।
सख्ती पर उसने बताया कि इसमें से क्रीम निकालकर विभिन्न डेयरी पर खपाया जाता है। इसकी कीमत 1.75 लाख रुपये है। इसे नष्ट कराने में करीब दो घंटे का समय लग गया। फतेहाबाद के गांव नाथूपुर में श्री श्याम सिंह के प्रतिष्ठान पर खोआ की प्रारंभिक जांच में मिलावटी प्रतीत हुआ। इसमें वनस्पति तेल मिलाने की आशंका है। इसे भी नष्ट करा दिया है। इसकी कीमत 29 हजार रुपये थी। इसी प्रतिष्ठान पर 52 किलो वनस्पति भी मिला, जिसे सीज कर दिया है। खोआ-वनस्पति तेल का नमूना भी लिया है।