कासगंज। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने रविवार को छापामार कार्रवाई की। अहरौली के मिठाई कारखाने पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए जाने पर 39 किलो मिल्क केक और 104 किलो दूध की लौंज जब्त कर नष्ट कर दी। जबकि 44 किलो सोनपापड़ी को जब्त कर दिया गया। वहीं, चार नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। सहायक आयुक्त खाद्य आनंद कुमार देव के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओमवीर सिंह और अनिल कुमार गंगवार ने अहरौली स्थित सचिन के मिठाई कारखाने पर कार्रवाई की। मौके से सोनपापड़ी, मिल्क केक, बेसन एवं दूध की लौंज के नमूने एकत्र किए। 30 डिब्बों में भंडारित 104 किलोग्राम दूध की लौंज और 8 प्लास्टिक बैग में रखे लगभग 39 किलो मिश्रित मिल्क केक को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए जाने के कारण मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इसके अतिरिक्त 44 किलो सोन पापड़ी को जब्त किया गया। सहायक आयुक्त ने बताया कि कारखाने में खाद्य मिठाई को गंदगी के साथ रखा गया था, इसे लोगों के बीमार पड़ने की आशंका चलते इसे नष्ट कराया गया। इसके अलावा चार नमूने भरे गए हैं। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। सहायक आयुक्त खाद्य आनंद कुमार देव ने जिले के सभी मिठाई एवं खाद्य उत्पाद विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि वे किसी भी स्थिति में बासी मावा, पुरानी मिठाइयों और समाप्ति तिथि पार कर चुकी खाद्य सामग्री का उपयोग न करें। ऐसा करना आम जनमानस के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्राहक खरीदारी करते समय खाद्य उत्पादों की निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और पैकेजिंग की स्थिति की जांच अवश्य करें।