टूंडला (फिरोजाबाद)। बैंक के सरकारी खाते से षड्यंत्र के तहत तत्कालीन बैंक प्रबंधक सहित अन्य बैंककर्मियों ने 44.62 लाख रुपये का गबन कर दिया। मामला प्रकाश में आने के बाद बैंक के आला अधिकारियों के आदेश पर शाखा प्रबंधक ने तत्कालीन बैंक प्रबंधक सहित नौ बैंक कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और सरकारी पैसे के गबन का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने इस मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक को दिल्ली से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
मामला केनरा बैंक की टूंडला शाखा का है। बैंक में एनएनएनडी स्कीम के तहत खाते चल रहे हैं। किन्हीं कारणों कारणों से के मुख्य खाते में अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध थी। इस राशि का गबन करने की नीयत से बैंक में तीन खाते खोले गए। स्टाफ के विपिन कुमार ने रविंद्र कुमार, दिनेश कुमार व निर्मल कुमार नाम से खोले। इन खातों को ऑफिसर बीएस सूर्या, गुंजन सिंह और एके सागर द्वारा अधिकृत किया गया। इन खातों से अलग-अलग तारीखों में 44 लाखा 62 हजार रुपये आहरित कर लिए। सभी आहरित धनराशि 22 मई 2017 से 30 जून 2018 तक कर ली गई। तब शाखा प्रबंधक सुरेेश कुमार थे।
जब नए शाखा प्रबंधक के मदन मोहन गर्ग ने पदभार संभाला तथा बैंक खाते को देखा तो उन्होंने जुलाई 2019 में बैंक उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। तब विभागीय जांच की गई जिसमें खोले गये तीनों खातों में नाम, पते फार्म उपलब्ध नहीं थे। इससे स्पष्ठ हो गया किया कि बैंक प्रबंधक सहित कर्मचारियों ने धनराशि का गबन किया है। तब वरिष्ठ शाखा प्रबंधक मदन मोहन गर्ग ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुरेश कुमार, ऑफिसर बीएस सूर्या, गुंजन सिंह, एके सागर, खागेश्वर आप्टे, कर्मचारी किशन कुमार निवासी टूंडला, प्रशंसा, एके निगम एवं दफ्तार एके निगम, अधिकारी शाहनबाज के विरुद्ध 17 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले की जांच पड़ताल करते हुए टूंडला पुलिस ने दिल्ली से मामले के तत्कालीन प्रबंधक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
बैंक खाते से अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर किए गये 40 लाख रुपये के गबन के आरोप में आरोपी बैंक प्रबंधक को दिल्ली से हिरासत में लिया गया है। पूर्व बैंक प्रबंधक से पूछताछ की जा रही है। इस मामले को संभवत: क्राइम ब्रांच के लिए स्थानांतरित किया जाएगा।
रामेन्द्र कुमार शुक्ला
थाना प्रभारी, टूंडला