कासगंज। पछुआ हवा के साथ बृहस्पतिवार की रात में पड़े पाले ने लगभग 1.25 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित होने खतरा बढ़ा दिया है। इसका असर गेहूं के साथ ही आलू व दलहन की फसलों पर पड़ने की आशंका है। मौसम की इस मार से 2.60 लाख किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।जिले में रबी के सीजन में गेहूं के साथ ही जौ, चना, मटर, मसूर, आलू की भी बड़े पैमाने पर खेती होती है। करीब 2.60 लाख किसान इनकी खेती करते हैं। पछुआ हवा से गेहूं व जौ की खेती पर ही खतरा मंडरा रहा था, लेकिन बृहस्पतिवार की रात को अचानक पाला पड़ने से आलू और दलहन की फसलों पर भी खतरा मंडराया गया। सुबह जब किसान खेतों की ओर पहुंचे तो फसलों पर पाले की सफेद चादर सी नजर आई जिसे देखकर वे चिंतित हो उठे। इस समय गेहूं की अगैती फसल में बाली बन रही हैं, जबकि दलहन की पिछैती फसल में फूल आ रहे हैं। पाला पड़ने से आलू की फसल में झुलसा रोग लगने का खतरा बढ़ गया तो वहीं दलहनी फसलों के फूल सिकुड़ने व झड़ने की आशंका बढ़ गई है।