32 किमी लंबा है दक्षिणी बाईपास
05 फ्लाईओवर हो रहे तैयार
04 आरओबी हैं इस मार्ग पर
04 लेन है यह बाईपास
450 करोड़ रुपये की है योजना
यहां बनेंगे फ्लाईओवर
. आगरा-दिल्ली हाईवे (रैपुराजाट)
. रायभा-अछनेरा रोड
. आगरा-फतेहपुर सीकरी रोड (मिढ़ाकुर)
. तांतपुर-जगनेर रोड (मलपुरा)
. आगरा-ग्वालियर हाईवे (ककुआ)
इनररिंग रोड
23 किमी की होगी इनररिंग रोड
10.5 किमी पहले चरण में बनेगी
06 लेन बन रही है यह रोड
एनएच-2 से एनएच-3 के बीच 80 फीसदी बनकर तैयार हुआ बाईपास
जुलाई से न्यू दक्षिणी बाईपास पर भरिये फर्राटा
. शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव होगा कम
. निर्धारित समयसीमा से पहले पूरा होगा काम
बस दो महीने और...इसके बाद न्यू दक्षिणी बाईपास पर वाहन फर्राटा भर सकेंगे। शहर को जाम से भी राहत भी मिलेगी। दिल्ली की तरफ से राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र की तरफ जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। यह परियोजना तय समय सीमा से एक महीने पहले पूरा होने की उम्मीद है। 80 फीसदी से भी अधिक काम हो चुका है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा आगरा-दिल्ली हाईवे से ग्वालियर हाईवे के बीच 23 किमी लंबा बाईपास विकसित किया जा रहा है। यह एनएच-2 स्थित रैपुरा जाट से एनएच-3 स्थित ककुआ तक है। रोड निर्माण के साथ-साथ फ्लाईओवर और आरओबी का काम लगभग पूरा हो चुका है।
बता दें कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की तरफ जाने के लिए दिल्ली की तरफ से काफी संख्या में भारी वाहन आते हैं। फिलहाल ये पूरा शहर पार करके ग्वालियर हाईवे की तरफ जाते हैं। इससे शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है। इस बाईपास के बनने के बाद इन वाहनों को शहर में प्रवेश की जरूरत नहीं पड़ेगी। वर्तमान में दिल्ली की तरफ से आने वाले बहुत से भारी वाहन रोहता नहर किनारे बने मार्ग से भी ग्वालियर हाईवे जाते हैं। मगर, ट्रकों की संख्या के हिसाब से यह रोड काफी कम चौड़ा है। इसकी वजह से इस रोड पर रात के वक्त तो कई किमी लंबा जाम लग जाता है। आने वाले दिनों में इससे मुक्ति मिलेगी।
पर्यटन को मिलेगा लाभ
इस बाईपास के बनने से पर्यटन को भी काफी लाभ मिलेगा। दिल्ली की तरफ से फतेहपुर सीकरी आने वाले पर्यटकों को शहर में आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे इस बाईपास के माध्यम से सीधे आगरा-फतेहपुर सीकरी रोड स्थित मिढ़ाकुर जा सकेंगे।
तेहरी मार की तैयारी
इस बाईपास के माध्यम से जहां वाहन चालकों को जाम से मुक्ति मिलने वाली है वहीं, उन पर तेहरी मार की भी तैयारी है। दरअसल, एनएचएआई इस बाईपास पर टोल लगाने की तैयारी कर रहा है। स्थानीय अधिकारियों ने इसका प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेज दिया है। अगर, मुख्यालय इसे मंजूरी दे देता है तो वाहन चालकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। ये नियमानुसार गलत भी होगा। बता दें कि दिल्ली की तरफ से आने पर वाहन चालकों को पहले तो फरह पर टोल देना होगा, इसके बाद निर्माणाधीन बाईपास स्थित नगला बुद्धा पर प्रस्तावित टोल प्लाजा पर टोल वसूले की योजना है। तीसरा टोल ग्वालियर हाईवे स्थित ककुआ से थोड़ा आगे बढ़ने पर फिर देना होगा। जानकारों की मानें तो फरह से ग्वालियर हाईवे स्थित टोल प्लाजा तक बमुश्किल 85 किमी की दूरी होगी, लेकिन वाहन चालकों को 150 किमी का टोल देना होगा।
न्यू दक्षिणी बाईपास का काम जुलाई में पूरा हो जाएगा। इसके बाद ही इस बाईपास पर आवागमन शुरू हो जाएगा।
- एसबी सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
परियोजना का काम समयावधि से एक महीने पहले कर लिया जाएगा। सरकार ने इस प्रोजेक्ट की समय सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी थी। मगर, इसे जुलाई में पूरा कर लिया जाएगा।
- योगेश जैन, डायरेक्टर, पीएनसी (कार्यदायी संस्था)
इनररिंग रोड से पूरी होगी एनएच-2 पर ’रिंग’
एक तरफ एनएचएआई न्यू दक्षिणी बाईपास बना रहा है तो दूसरी तरफ आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा इनररिंग रोड विकसित की जा रही है। इन दोनों की शुरुआत एनएच-2 के विभिन्न स्थानों से हो रही है। इनररिंग रोड आगरा-कानपुर हाईवे स्थित कुबेरपुर से ग्वालियर हाईवे तक है। इनररिंग रोड के प्रथम चरण का कार्य (फतेहाबाद रोड तक) लगभग पूरा हो चुका है। दूसरे चरण की तैयारी की जा रही है। इसके पूरा होते ही कुबेरपुर से रैपरा जाट तक एनएच-2 पर रोड की ‘रिंग’ बन जाएगी। इससे आने वाले दिनों में शहर को जाम से राहत मिलेगी।