आगरा के प्रिंस कुशवाह और अनिरुद्र यादव ने आर्थिक तंगी के बावजूद बॉक्सिंग में अपनी प्रतिभा साबित की है। दोनों का चयन उत्तर प्रदेश बॉक्सिंग एसोसिएशन की प्रतियोगिता के लिए हुआ है।
घरों में पुताई और मजदूरी करने वाले पिता, दूसरों के घरों में झाड़ू-पोंछा लगाने वाली मां और आंखों में राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का सपना। संघर्ष की इसी कहानी के बीच आगरा के प्रिंस कुशवाह और अनिरुद्र यादव ने बॉक्सिंग में अपनी जगह बनाई है। दोनों का चयन उत्तर प्रदेश बॉक्सिंग एसोसिएशन की प्रतियोगिता के लिए हुआ है।
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प्रिंस के पिता पुताई और मजदूरी कर परिवार का पालन करते हैं, मां दूसरों के घरों में साफ-सफाई करती हैं। अनिरुद्र का परिवार भी आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद दोनों खिलाड़ियों ने अभ्यास जारी रखा और अपनी मेहनत के दम पर प्रतियोगिता तक पहुंचने का अवसर हासिल किया। दोनों की सफलता में बॉक्सिंग कोच शिशुपाल चाहर का भी अहम योगदान है। वह पिछले 12 वर्षों से गरीब और जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त प्रशिक्षण दे रहे हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का सपना
प्रिंस और अनिरुद्र नियमित अभ्यास के जरिये अपनी कमियों को दूर करने में जुटे हैं। दोनों का लक्ष्य प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन कर आगे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना और देश के लिए पदक जीतना है। दोनों खिलाड़ियों के चयन पर परिवारों और शुभचिंतकों में खुशी है। सोसाइटी अध्यक्ष गौरव यादव, बॉबी चाहर, रजत खंडेलवाल, पार्षद अतुल अवस्थी और डॉ. राज शर्मा ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।