बाह। जैतपुर के मऊ गांव के दो भाई रामवीर (36), रामेंद्र उर्फ बंटी (32) साथ में खेलकूद कर बड़े हुए, रोजगार की तलाश में कल्याण, मुंबई पहुंचे। दोनों ने एक साथ खाना पार्टी की, जिसमें हालत बिगड़ी तो अस्पताल में एक ही बेड पर दुनिया से विदा हो गए।
रोजगार की तलाश में मुंबई के कल्याण पहुंचे जैतपुर के मऊ गांव के दो भाइयोंं की पार्टी के बाद हालत बिगड़ गई। एक ही अस्पताल में भर्ती कराए गए। जहां पर एक साथ दोनों की सांसें थम गई। कचौराघाट में यमुना किनारे दोनों की एक साथ चिताएं जलीं तो गमगीन लोग दोनों भाइयों की जीवन यात्रा की चर्चा किए बिना नहीं रहे। मऊ गांव के रामधनी पुरवंशी के बेटे रामवीर और रामेंद्र उर्फ बंटी कुछ साल पहले मुंबई गए थे। परिजन ने बताया कि दोनों तारातला गमा देवी में सब्जी बेचने का काम करते थे। घर का काम निपटाने के बाद रामवीर डेढ़ महीने पहले और रामेन्द्र उर्फ बंटू 15 दिन पहले ही मुंबई गए थे। परिजन ने बताया कि 30 जून की शाम दोनों भाइयों ने एक साथ खाना पार्टी की थी। रात में हालत बिगड़ गई। पहली जुलाई को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर दोपहर में दोनों की मौत हो गई। 2 जुलाई को दोनों के शव गांव पहुंचे तो परिवार में मातम छा गया। रामवीर ने अपने पीछे पत्नी भारती, 2 बेटे एवं 2 बेटियां और रामेंद्र ने अपने पीछे पत्नी पूजा, 2 बेटियां छोड़ी हैं।