मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई आगरा कॉलेज प्रबंध समिति की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा। आगरा कॉलेज प्रबंध समिति की बैठक बुधवार को मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें कॉलेज से जुड़े शैक्षणिक, प्रशासनिक, अनुशासनात्मक और विकास से संबंधित सभी प्रमुख मामलों पर निर्णय लिए गए। सबसे पहले पिछली बैठक के कार्यवृत्ति की पुष्टि की गई।
बीबीए और बीसीए स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में चयन समिति की ओर से चयनित शिक्षकों के अनुमोदन को स्वीकृति दी गई। लगभग एक वर्ष से अनुपस्थित चल रहे भौतिकी विभाग के शिक्षक डॉ. आनंद पांडेय के मामले में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी की संस्तुति सहित जांच आख्या को स्वीकार करते हुए एडीएम वित्त एवं आगरा कॉलेज के दो वरिष्ठ शिक्षकों की समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। इतिहास विभाग के शिक्षक महावीर सिंह के विरुद्ध शोध छात्रा की ओर से की गई यौन उत्पीड़न की शिकायत के मामले में यूजीसी विनियम 2015 के तहत गठित आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट पर निर्णय लिया गया।
समिति ने शिक्षक के आचरण को अभद्रता की श्रेणी में माना, जिसके आधार पर यह तय किया गया कि शिक्षक महावीर सिंह प्रति वर्ष चरित्र-निष्ठा प्रमाण पत्र देंगे और अंतिम सेवाकाल तक आंतरिक जांच समिति की निगरानी में रहेंगे। सेवानिवृत्त कार्यवाहक प्राचार्य नरेंद्र सिंह के विरुद्ध शिकायत प्रकरण में पूर्व में गठित समिति से पुनः जांच कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा एकल स्थानांतरण के लिए प्राप्त आवेदनों पर विचार करते हुए चार शिक्षकों के स्थानांतरण और दो कर्मचारियों के स्थायीकरण को स्वीकृति प्रदान की गई।
अवस्थापना गत विकास के लिए दानदाताओं, पुरा छात्रों एवं अनुदानदाताओं से प्राप्त धनराशि के उपयोग के लिए ‘आगरा कॉलेज सामान्य विशिष्ट प्रयोजन निधि’ के गठन को मंजूरी दी गई। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, अग्रवाल समाज एवं अग्रसेन सेवा समिति की ओर से प्रस्तावित ‘महाराजा अग्रसेन शोध पीठ’ की स्थापना को भी स्वीकृति दी गई। साथ ही इसके संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में जिलाधिकारी अरविंद बंगारी, कॉलेज प्राचार्य चित्र कुमार गौतम, शिक्षक प्रतिनिधि प्रो. मृणाल शर्मा, प्रो. जयश्री भारद्वाज तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारी प्रतिनिधि राजेश कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।