गांव गढिय़ा गोविंदपुर में निरीक्षण करने पहुंची जिला समन्वनयक सोशल ऑडिट मंजू यादव
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मैनपुरी। इंटरलॉकिंग निर्माण के नाम पर मनरेगा में फर्जीवाड़ा सामने आया है। शुक्रवार को जिला समन्वयक सोशल ऑडिट के निरीक्षण में ये बात सामने आई। मामले की रिपोर्ट जिला विकास अधिकारी को कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
शुक्रवार को जिले के नौ ब्लॉकों में मनरेगा कार्यों का सोशल ऑडिट प्रस्तावित था। इसी का निरीक्षण करने के लिए जिला समन्वयक सोशल ऑडिट मंजू यादव विकास खंड सुल्तानगंज के गांव गढ़िया गोविंदपुर पहुंचीं थीं। यहां दो स्थानों पर इंटरलॉकिंग निर्माण कार्य में मनरेगा मजदूर लगे होने की ऑनलाइन रिपोर्ट भरी गई थी। गांव निवासी रामबक्स के घर से क्षेत्र के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य पर 42 मजदूर दर्शाए गए थे। मौके पर निरीक्षण के दौरान इंटरलॉकिंग निर्माण एक साल पहले का होने की बात सामने आई। साथ ही कोई भी मजदूर, रोजगार सेवक और पत्रावली मौके पर नहीं मिली।
इसी गांव के निवासी शिवम के घर से लेकर काली माता मंदिर तक भी इंटरलॉकिंग निर्माण में मनरेगा श्रमिकों के कार्य की रिपोर्ट ऑनलाइन भरी गई थी। जबकि निरीक्षण के दौरान यहां भी मजदूर मौके पर नहीं मिले। गली भी कच्ची थी। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए थे। इससे साफ है कि यहां मनरेगा के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। मामले की रिपोर्ट जिला समन्वयक सोशल ऑडिट ने कार्रवाई के लिए जिला विकास अधिकारी को भेजी है।
सोशल ऑडिट टीम को भी हटाया
ग्राम पंचायत गढ़िया गोविंदपुर में शुक्रवार को प्रस्तावित सोशल ऑडिट के लिए टीम में राधाश्री और शशिकांत को शामिल किया गया था। जिला समन्वयक के निरीक्षण के दौरान ये लोग भी मौके पर ऑडिट के लिए उपस्थित नहीं मिले। टीम से इन्हें हटाने की भी जिला समन्वयक ने संस्तुति की है।