पूर्व बीआरसी और ठेकेदार अशोक चौहान की हत्या उनके ही दोस्त ने चार लाख रुपये की सुपारी देकर कराई थी। इसे हादसा दिखाने के लिए खरपरी बंबा के पास बोलेरो से टक्कर मारी गई थी। स्वाट टीम ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बृहस्पतिवार को एसपी ने प्रेसवार्ता कर खुलासे के संबंध में जानकारी दी। बताया कि हत्याकांड में कुल चार लोग शामिल हैं। दो की तलाश के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रहीं हैं।
थाना घिरोर क्षेत्र के गांव फैजपुर निवासी पूर्व बीआरसी शिक्षक अशोक सिंह चौहान वर्तमान में कोतवाली क्षेत्र के महालक्ष्मी नगर में मकान बना कर रह रहे थे। वह ठेकेदारी भी करते थे। 30 अप्रैल की सुबह खरपरी रोड पर उन्हें एक बोलेरो ने टक्कर मार दी थी। जिसके चलते अशोक की मौत हो गई थी। परिजन की ओर से हत्या किए जाने की आशंका के चलते एसपी विनोद कुमार की ओर से स्वाट टीम प्रभारी कुलदीप दीक्षित को खुलासे के लिए लगाया गया था। बृहस्पतिवार को एसपी ने प्रेसवार्ता कर अशोक चौहान हत्याकांड के बारे में चौंकाने वाला खुलासा किया। एसपी ने बताया कि अशोक और शहर के स्टेशन रोड बैंक कालोनी निवासी नीरज यादव दोस्त थे और ठेकेदारी करते थे। अशोक को काफी काम मिल रहा था, नीरज को लग रहा था कि राजनीतिक पहुंच के चलते अशोक ठेकेदारी से मेरा काम कटवा देते हैं। अशोक का नीरज पर करीब 25 लाख रुपये भी था। इसे वापस लौटाने को कहा जा रहा था।
नीरज ने अशोक को रास्ते से हटाने की सोची और दोस्त अरविंद पाल निवासी पीरपुर थाना बिछवां से मिल कर योजना बनाई। अरविंद ने अपने दोस्त अनुज डागर (बर्खास्त सिपाही) हाल ववासी मोहल्ला अग्रवाल मूल निवासी गांव नौरोजपुर बागपत और मनीष उर्फ विपिन निवासी गांव बखतपुर एलाऊ से मिलवाया। हत्या करने के नीरज ने इन लोगों को चार लाख रुपये की सुपारी दी। प्लान बनाया कि हत्या को सड़क हादसा दिखा देंगे। इसके बाद योजनबद्ध तरीके से से 30 अप्रैल को अशोक को खरपरी बंबा के पास बोलेरो से टक्कर मार कर मौत के घाट उतार दिया था। एसपी ने बताया की बर्खास्त सिपाही अनुज डागर और मनीष उर्फ विपिन को गिरफ्तार कर लिया गया। सुपारी देने वाले नीरज यादव और अरविंद की तलाश के लिए पुलिस की टीमें जुटीं हैं। जल्द ही शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
नीरज ने अशोक के सिर में मारे थे डंडे
जिस समय आरोपियों ने बोलेरो से अशोक चौहान की हत्या की थी। उस समय बोलेरो से कई बार टक्कर मारी गई थी। इतना ही नहीं दोस्त नीरज यादव ने अशोक के सिर पर डंडे से प्रहार भी किए गए थे। आरोपी अशोक के जीवित रहने की कोई संभावना नहीं छोड़ना चाहते थे। जब सभी को यकीन हो गया कि अशोक मर चुके हैं। इसके बाद ही आरोपी बोलेरो लेकर वहां से भाग गए थे। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त बोलेरो को भी कब्जे में लिया है। आरोपियों ने हत्या करने के से पहले अशोक चौहान की दिनचर्या को लेकर रेकी भी की थी।
बर्खास्त सिपाही पर हैं 14 से अधिक आपराधिक मामले
प्रेसवार्ता के दौरान एएसपी राहुल मिठास ने बताया कि अशोक चौहान की हत्या में शामिल बर्खास्त सिपाही अनुज डागर जनपद में भी तैनात रह चुका है। दन्नाहार क्षेत्र में ट्रक लूट आदि के मामले दर्ज हैं। कुर्रा और किशनी थाने से उसके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जा चुकी है। जानलेवा हमला, अपहरण, चोरी, धोखाधड़ी सहित 14 से अधिक आपराधिक मामले जनपद के विभिन्न थानों में दर्ज हैं। अन्य जनपदों में भी उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए हैं।