आरोप है कि जब उन्होंने रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करने को कहा तो आरोपियों ने जमीन और आवास पर लोन लेने की बात कहते हुए कर्जा चुकाने के बाद 30 अप्रैल 2021 तक रजिस्टर्ड एग्रीमेंट या बैनामा कराने का आश्वासन दिया। बाद में बार-बार बैनामा कराने की बात कहने के बाद भी ना रजिस्ट्री कराई, ना ही एग्रीमेंट कराया। जब पीड़ित ने अपनी रुकम मांगी तो आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
बाद में पता चला कि आरोपियों द्वारा नगर निगम की तरफ से दिया गया गोशाला संचालन की अनुमति का प्रमाण पत्र भी फर्जी है। इसके बाद पीड़ित ने आरोपियों को नोटिस भेजकर रुपये वापस मांगे, लेकिन फिर भी रकम नहीं लौटाई। पीड़ित ने एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर से गुहार लगाई। एसएसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसपी सिटी एमपी सिंह ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।