दन्नाहार (मैनपुरी)। रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं को ठगने वाला नटवर लाल सोमवार की शाम पकड़ा गया। वह दन्नाहार में घिरोर निवासी एक युवक से नौकरी के नाम पर तय किए गए दो लाख रुपये लेने आया था। वहां पहले से मौजूद ठग का शिकार दो युवकों ने उसे सहयोगियों की मदद से पकड़ने के बाद पुलिस को सौंप दिया।
थाना घिरोर क्षेत्र के गांव नगला केसराय निवासी संजीव कुमार किसी तरह से जनपद एटा के अलीगंज थाना क्षेत्र के गांव नगला साबा निवासी उमेश चंद्र के संपर्क में आया था। उमेश ने खुद को रेलवे में एक बड़े पद पर बताते हुए उसकी ग्रुप डी में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया था। इसके लिए चार लाख रुपये की मांग की थी। 10-15 दिन पहले संजीव को झांसी बुलाकर उसका मेडिकल कराया और 60 हजार रुपये ले लिए थे। ज्वाइनिंग लेटर दिए जाने के लिए सोमवार को दो लाख रुपये दिए जाने की बात तय हुई थी।
सोमवार की शाम थाने के सामने एक ढाबा पर दोनों की मुलाकात हो रही थी। तभी करहल क्षेत्र के गांव नगला करिया निवासी आकाश और सनवीर निवासी गांव धोबई आ गए। दोनों को देखते ही उमेश के चेहरे की रंगत उड़ गई। वह भागने लगा तो दोनों युवकों ने अपने साथ आए लोगों की मदद से उसे पकड़ने के बाद थाना पुलिस को सौंप दिया। दोनों ने बताया कि वह दिल्ली में प्राइवेट जॉब करते थे, वहां उनकी मुलाकात राहुल पांडेय निवासी गांव तिसौली अलीगंज एटा से हुई। उसने बताया कि उसकी बुआ का लड़का रेलवे में बड़े पद पर है। इसके बाद वहां उमेश, राहुल व दो अन्य से मुलाकात के बाद रेलवे में नौकरी लगवाने की बात तय हुई थी।
छह-छह लाख रुपये की मांग की गई थी। 18 नवंबर 2019 को दोनों से झांसी 1.65-165 लाख रुपये लिए गए। वहां उनका मेडिकल कराया गया और उन्हें बाकी रुपये ज्वाइनिंग लेटर मिलने के बाद दिए जाने की बात तय कर ली गई थी। जब झांसी में रेलवे कार्यालय जाकर ज्वाइनिंग लेटर के बाबत जानकारी ली गई तो पता चला कि वह फर्जी हैं। तब उन्हें साथ ठगी की जानकारी हुई। तभी से वह लोग उमेश की तलाश कर रहे थे।
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नटवर लाल ने बताए साथियों के नाम
थाना दन्नाहार में बैठे नटवर लाल ने पुलिस पूछताछ में अपने साथियों के नाम भी बताए। उसने बताया कि राहुल पांडेय निवासी गांव तिसौली अलीगंज एटा, दिनेश चौहान निवासी गाजियाबाद और आरपी सिंह पता अज्ञात बताया। पुलिस उससे पूछताछ कर ठगों के रैकेट के बारे में अन्य जानकारी हासिल कर रही है।
नटवरलाल के पास मिला फर्जी आईकार्ड
पकड़े गए नटवर लाल के पास पुलिस को उसके नाम उमेश चंद्र का आधार कार्ड मिला। वहीं जब उसका आईडी कार्ड चेक किया गया तो पुलिस के भी होश उड़ गए। कार्ड किसी वीके गुप्ता के नाम का था। वहीं उस पर पश्चिम रेलवे में असिस्टेंट पर्सनल पीए का पद लिखा हुआ था। शातिर ठग से जब इस बारे में पूछा गया तो वह चुप्पी साध गया।
उमेश चंद्र एक शातिर ठग है, उसके विरुद्ध पीड़ितों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। आरोपी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बेगराम सिंह, प्रभारी निरीक्षक