प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन करने वालों का सत्यापन करने पहुंच रहे कर्मचारी उनसे उगाही में जुट गए हैं। 500 लेकर 2000 रुपये तक वसूली की जा रही है। डूडा के अधिकारी इस ओर से आंख बंद करके बैठे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना की लांचिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगरा के कोठी से मीना बाजार ग्राउंड से की थी। जिले में हजारों की संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोन और आवास पाने के लिए आवेदन किए हैं। आवेदकों के सत्यापन के लिए डूडा ने एक स्वयंसेवी संस्था के साथ करार किया है।
आरोप है कि स्वयंसेवी संस्था के लोग सत्यापन के नाम अवैध वसूली कर रहे है। रतनपुरा क्षेत्र में पिछले दिनों एक कर्मचारी को लोगों ने पकड़कर पीटा था। आरोप है कि यह वसूली डूडा के अधिकारियों की शह पर हो रही है। खास बात यह है कि एनजीओ के साथ दलाल भी आ गए हैं, जो पूरा नेटवर्क चला रहे हैं।
पीएम आवास योजना में इन्हें मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना
- किसी व्यक्ति के पास भारत में कहीं भी अपना मकान न हो
- आवेदक के पास जमीन हो लेकिन मकान बनाने को धन न हो
- कोई आवेदक के पास कच्चा मकान हो उसे पक्का कराना चाहता हो
- किसी के पास एक कमरे का मकान हो उसे बड़ा करने की गुंजाइश हो
निजी टायलेट के नाम पर भी चल रहा गोरखधंधा
TOILET
- फोटो : DEMO PHOTO
खुले में शौच मुक्त अभियान के तहत भी सरकारी धन को हड़पने का गोरखधंधा शुरू हो गया है। इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं कि शहर में तमाम लोग ऐसे हैं जिन्होंने टायलेट का निर्माण नहीं किया है। किसी पड़ोसी की टायलेट का फोटो खींचकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार की मिलने वाले आठ हजार रुपये लेने का गोरखधंधा चला रहे हैं। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने निगम के कर्मचारियों को सतर्क करने के साथ-साथ पार्षदों से अपील की है कि वे भी अपने क्षेत्र में ऐसे लोगों का सत्यापन कराने में मदद करें।
500 से 2000 रुपये तक हो रही वसूली
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पार्षद प्रतूल भार्गव का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदकों का सत्यापन कर रही स्वयंसेवी संस्था के कार्यकर्ता अवैध वसूली में लगे हैं। 500-2000 रुपये तक प्रति आवेदक लिए जा रहे हैं। जबकि इस योजना में आवेदक किसी तरह की धनराशि नहीं देनी है। इसकी शिकायत नगर आयुक्त से की गई है।
नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि पार्षदों ने अवैध वसूली की शिकायत की है। पीओ डूडा से निर्देशित कर दिया गया है। साथ ही जनता से अपील है कि ऐसे किसी भी व्यक्ति को पैसा न दें, यदि कोई धन की मांग करता है तो पुलिस को, अपने क्षेत्र के पार्षद को, डूडा के अधिकारियों या नगर निगम को सूचित करें।
पीओ डूडा संजय पथरिया के अनुसार आगरा में करीब 1.40 लाख आवेदन हुए हैं। इनके सत्यपान के लिए एनजीओ को शासन ने ही हायर किया है। एनजीओ ने स्थानीय लोगों को काम पर लगा दिया है जो अवैध वसूली में लिप्त हैं। 40 लोगों को शिकायत मिलने पर हटाया जा चुका है।