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Agra: क्रिप्टो करेंसी में मुनाफे का झांसा देकर व्यापारी से 20 लाख रुपये की ठगी, तीन आरोपियों पर मुकदमा दर्ज

Thu, 17 Nov 2022 12:51 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आरोपियों ने व्यापारी को क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर मुनाफे का झांसा दिया। उन्हें अपनी बातों के जाल में फंसा लिया। इसके बाद दो बार में उनसे रकम जमा करा ली। 
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क्रिप्टो करेंसी (सांकेतिक) - फोटो : istock
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विस्तार
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क्रिप्टो करेंसी में मुनाफे का लालच देकर व्यापारी से 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। उन्हें 6 महीने में करेंसी की कीमत एक रुपये से 150 तक होने का झांसा दिया गया था। निवेश की गई रकम में 6 महीने में भी मुनाफा नहीं हुआ। व्यापारी के रकम वापस मांगने पर फोन उठाने बंद कर दिए गए। पीड़ित ने दो साल बाद थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कराया है। 

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न्यू सुभाष नगर, लॉयर्स कालोनी निवासी जय प्रताप सिंह ने सुभाष जेवरिया, रवि पंचाल और उत्तराखंड के हरिद्वार निवासी देवेंद्र पंचाल को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। उनका कहना है कि 12 अगस्त, 2020 को रवि पंचाल ने फोन किया। खुद को सिलीकोन ड्राइव कंपनी का मार्केटिंग हेड बताया। कहा कि क्रिप्टो करेंसी कोयल एक महीने में 50 पैसे से एक रुपये हो गई है। आने वाले 3 सप्ताह में यह 3 से 4 रुपये हो जाएगी। अगले 6 महीने में करेंसी का रेंट 150 रुपये तक पहुंचेगा।

रवि पंचाल ने यह भी बताया कि कंपनी के मालिक सुभाष जेवरिया ने एक अन्य क्रिप्टो करेंसी एंटीसी क्वाइन लांच की थी, जो 50 पैसे प्रति क्वाइन से बढ़कर 180 रुपये प्रति क्वाइन हो गई। इससे काफी लोगों ने निवेश कर फायदा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद देवेंद्र पंचाल नामक व्यक्ति ने कॉल कर खुद को सुभाष जेवरिया के साथ वित्त विभाग में अधिकारी बताया। उसने भी क्रिप्टो करेंसी के तीन महीने में 80 से 100 रुपये तक पहुंचने का आश्वासन दिया।

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कंपनी मालिक से जूम एप से कराई बैठक

जयप्रताप सिंह ने 17 और 19 अगस्त को दो बार में 20 लाख रुपये जमा कर दिए। कुछ सप्ताह में रकम बढ़ने का आश्वासन दिया गया। ऐसा नहीं हुआ। तकनीकी गड़बड़ी की वजह से रेट नहीं बढ़ने का बहाना बनाकर टालते रहे। आरोपियों ने जूम एप से कंपनी के मालिक सुभाष जेवरिया से वीडियो कान्फ्रेंसिंग से बात कराई। उन्होंने भविष्य की योजनाओं के सपने दिखाते हुए बताया कि केंद्रीय, राज्य मंत्री के अलावा उद्योगपति और फिल्मी सितारे भी यह करेंसी खरीदकर मुनाफा कमा रहे हैं। आठ महीने बाद भी क्रिप्टो करेंसी के रेट में वृद्धि नहीं हुई। निवेश की गई राशि वापस मांगी तो उन्होंने ब्याज सहित रकम वापसी का आश्वासन दिया। बाद में फोन उठाने बंद कर दिए। 

और भी लोग बने हैं शिकार

जय प्रताप के मुताबिक, जानकारी पर सामने आया कि सुभाष जेवरिया और चिराग जेवरिया ने जेवरिया सर्विस क्लब इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक के रूप में इसी तरह से कई लोगों से धोखाधड़ी की है। इस मामले में मुकदमा दर्ज है। आर्थिक अपराध शाखा जांच कर रही है। पीड़ितों में कई व्यापारी, पुलिस अधिकारी, डाक्टर आदि हैं।
 

क्या है क्रिप्टो करेंसी

क्रिप्टो करेंसी एक वर्चुअल मुद्रा है। इसे आम मुद्रा की तरह देखा या छुआ नहीं जा सकता है। क्रिप्टो करेंसी में बिटक्वाइन की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। व्यापारी इसकी ट्रेडिंग करते हैं। इसके मूल्य के उतार-चढ़ाव से मुनाफा अर्जित करते हैं।

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