कंपनी मालिक से जूम एप से कराई बैठक
जयप्रताप सिंह ने 17 और 19 अगस्त को दो बार में 20 लाख रुपये जमा कर दिए। कुछ सप्ताह में रकम बढ़ने का आश्वासन दिया गया। ऐसा नहीं हुआ। तकनीकी गड़बड़ी की वजह से रेट नहीं बढ़ने का बहाना बनाकर टालते रहे। आरोपियों ने जूम एप से कंपनी के मालिक सुभाष जेवरिया से वीडियो कान्फ्रेंसिंग से बात कराई। उन्होंने भविष्य की योजनाओं के सपने दिखाते हुए बताया कि केंद्रीय, राज्य मंत्री के अलावा उद्योगपति और फिल्मी सितारे भी यह करेंसी खरीदकर मुनाफा कमा रहे हैं। आठ महीने बाद भी क्रिप्टो करेंसी के रेट में वृद्धि नहीं हुई। निवेश की गई राशि वापस मांगी तो उन्होंने ब्याज सहित रकम वापसी का आश्वासन दिया। बाद में फोन उठाने बंद कर दिए।
और भी लोग बने हैं शिकार
जय प्रताप के मुताबिक, जानकारी पर सामने आया कि सुभाष जेवरिया और चिराग जेवरिया ने जेवरिया सर्विस क्लब इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक के रूप में इसी तरह से कई लोगों से धोखाधड़ी की है। इस मामले में मुकदमा दर्ज है। आर्थिक अपराध शाखा जांच कर रही है। पीड़ितों में कई व्यापारी, पुलिस अधिकारी, डाक्टर आदि हैं।
क्या है क्रिप्टो करेंसी
क्रिप्टो करेंसी एक वर्चुअल मुद्रा है। इसे आम मुद्रा की तरह देखा या छुआ नहीं जा सकता है। क्रिप्टो करेंसी में बिटक्वाइन की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। व्यापारी इसकी ट्रेडिंग करते हैं। इसके मूल्य के उतार-चढ़ाव से मुनाफा अर्जित करते हैं।