कासगंज कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में हुए फर्जीवाड़े की जानकारी के लिए सोमवार को विद्यालय पहुंची। यहां स्टाफ से जानकारी ली और शिक्षिका व वार्डन के दस्तावेजों की प्रतियां जुटाईं। बालिका शिक्षा के मौजूदा डीसी से भी कई बिंदुओं पर जानकारी ली। नियुक्ति से पहले हुए आवेदन पत्रों की छायाप्रति भी मांगी।
मैनपुरी के भोगांव की लक्ष्मी के नाम पर वर्ष 2016 से फर्जी शिक्षिका अमांपुर के रानामऊ कस्तूरबा विद्यालय में नौकरी करती रही। हिमांयूपुर सोरों के कस्तूरबा विद्यालय में बीएड की फर्जी डिग्री के आधार पर वर्ष 2007 से आगरा की चित्रा शर्मा वार्डन के तौर पर नौकरी करती रहीं। अनामिका प्रकरण के बाद शुरू हुए मूलदस्तावेजों की जांच में यह दोनों का खुलासा हुआ।
मुकदमा दर्ज होने के बाद सोरों और अमांपुर पुलिस जांच में जुटी है। सोरों पुलिस के वरिष्ठ उपनिरीक्षक मौहर सिंह तोमर ने हिमांयूपुर विद्यालय पहुंचकर वार्डन के दस्तावेजों की प्रतियां ली हैं। अमांपुर पुलिस के उपनिरीक्षक आबिद कुरैशी ने रानामऊ विद्यालय पहुंचकर स्टाफ से पूछताछ की। बालिका शिक्षा के डीसी महेश कुमार से भी जानकारी ली।