मैनपुरी। किशनी थाना क्षेत्र के जटपुरा चौराहा के पास सेना भर्ती प्रशिक्षण के लिए अवैध रूप से संचालित भारतीय पुलिस प्रोटेक्शन फोर्स सेंटर के संचालक अरविंद पांडेय के केस में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं। युवाओं को फंसाकर अरविंद के प्रशिक्षण केंद्र में दाखिला दिलवाकर मोटा कमीशन पाने वाले छह से अधिक लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस इनकी तहकीकात में जुटी है। साथ ही इनकी सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) भी निकलवा रही है। अरविंद पांडेय और उसकी कथित पत्नी सुमित्रा को इस मामले में पुलिस जेल भेज चुकी है। अब पुलिस इनके गिरोह के अन्य लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी में लगी है। छह से अधिक लोग दलाली के चलते सामने आए हैं। इन सभी को भी पुलिस जल्द केस में शामिल करेगी। इसके बाद पूरे गिरोह पर गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। इन आरोपियों की संपत्ति को भी गैंगस्टर एक्ट के तहत सीज किया जाएगा। बता दें कि अरविंद पांडेय मूलरूप से कुर्रा के राजपुर का रहने वाला है। वर्तमान उसके माता-पिता, भाई-बहन शहर के गाड़ीवान मोहल्ले में रहते हैं। अरविंद की पहली पत्नी और बच्चे फरीदाबाद में रहते हैं। सीओ भोगांव सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि प्रकरण में अभी जांच जारी है। युवाओं के साथ धोखा करने वाले किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा।