गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में बढ़ती पानी की किल्लत झगड़े का रूप लेने लगी है। सोमवार सुबह खंदारी में पानी भरने को लेकर दो पक्ष भिड़ गए। आधा घंटे तक मारपीट और पथराव हुआ। पुलिस के सामने भी ईंट-पत्थर फिंकाई हुई। पुलिस फोर्स के पहुंचने पर आरोपी भाग खड़े हुए। 20 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
खंदारी स्थित पुलिस चौकी के पीछे बस्ती में सरकारी सबमर्सिबल पंप लगा है। सोमवार सुबह तकरीबन आठ बजे क्षेत्र की रहने वाली लज्जा देवी और कमलेश पानी भरने के लिए आईं थीं। कमलेश पक्ष की महिलाएं पहले से पानी भर रहीं थीं। लज्जा देवी भी पानी भरने पहुंची तो विवाद होने लगा। लज्जा देवी को पानी भरने से रोक दिया। दोनों पक्ष की महिलाओं में कहासुनी हुई। इसके बाद घर के पुरूष निकल आए। एक पक्ष ने पथराव कर दिया। इस दौरान लज्जा देवी के बेटे कमल पर लाठी-डंडों से हमला बोला। सिर में चोट लगने से वह गंभीर घायल हो गया। कुछ ही देर में दूसरे पक्ष के लोग एकजुट हो गए। दोनों तरफ से ईंट-पत्थर फिंकाई होने लगी। जानकारी पर चीता मोबाइल के सिपाही पहुंचे, लेकिन पथराव बंद न हुआ। पुलिस फोर्स पहुंची। इस पर बवाली भाग खड़े हुए। घायल कमल का मेडिकल कराया। पुलिस की ओर से 20 नामजद और 10-15 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
100 से ज्यादा परिवार सबमर्सिबल के भरोसे
क्षेत्र में पानी की समस्या बढ़ती जा रही है। एक सबमर्सिबल पंप लगा हुआ है। लोगों के घरों में वाटर वर्क्स का सप्लाई पानी नहीं पहुंचता। 100 से ज्यादा परिवार रहते हैं। इस कारण लोग सबमर्सिबल पंप से पानी भरने के लिए आते हैं। इस समय बिजली कटौती भी शुरू हो गई है। ऐसे में पानी भरने के लिए लोग जल्दबाजी में रहते हैं। लोगोें का कहना था कि हैंडपंप भी नहीं, जिनसे पानी भरा जा सके। अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कई क्षेत्रों में गहराया पेयजल संकट
शहर में पानी की किल्लत कोई एक जगह नहीं है। कई इलाकों में लोग इस समस्या से परेशान हैं। सबसे ज्यादा एत्माद्दौला क्षेत्र में दिक्कत है। यहां के कई इलाकों में लोगोें को पानी खरीदकर लाना पड़ता है। पीने से लेकर जरूरत के लिए भी पानी खरीदना पड़ता है। इसके अलावा शाहगंज, लोहामंडी, जगदीशपुरा, ताजगंज, सदर आदि इलाकों में पानी की समस्या है।
पिछले साल यमुनापार क्षेत्र में पानी को लेकर खून भी बह चुका है। तब भी दोनों पक्षों के बीच पानी भरने को लेकर विवाद हुआ था। इस बार गर्मी शुरू होते ही झगड़ों की भी शुरूआत हो गई है। अगर अभी से प्रशासन ने इस समस्या का हल नहीं खोजा तो स्थिति गंभीर रूप ले सकती है।