ई-रजिस्ट्री के विरोध में जिले की सभी तहसीलों में चौथे दिन भी अधिवक्ताओं, कातिबों और स्टांप वेंडरों की हड़ताल जारी रही। हड़ताल के कारण रजिस्ट्री और न्यायिक कार्य ठप पड़ गए, जिससे 6 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अटक गया और आम लोगों के जरूरी काम प्रभावित हुए।
आगरा में ई-रजिस्ट्री के विरोध में जिले की सभी तहसीलों में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक कातिब और स्टांप वेंडर्स बृहस्पतिवार को चौथे दिन भी हड़ताल पर रहे। इससे न्यायिक और निबंधन (रजिस्ट्री) कार्य नहीं होने से पक्षकार और फरियादी बैरंग लौटने के लिए मजबूर हुए। स्टांप से 6 करोड़ से अधिक की राजस्व आय रुक गई, मुकदमों का निस्तारण भी ठप है।
सामूहिक कार्य बहिष्कार से सदर तहसील में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। दूर-दराज से आए फरियादियों और आम जनता को भारी परेशानी हुई। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शंभू नाथ वर्मा और महासचिव अरविंद कुमार दुबे ने प्रदर्शन के दौरान बताया कि हड़ताल अनिश्चितकाल की है। सरकार को हमारी मांगों पर ध्यान देना चाहिए, यह आजीविका का सवाल है।
आक्रोशित वकीलों और दस्तावेज लेखकों ने निबंधन मंत्री का विरोध भी किया। हड़ताल के कारण जमीनों की खरीद-फरोख्त रुकने से आम जनता के जरूरी काम भी अटक गए हैं। प्रदर्शन में दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष राम उपाध्याय, मुख्य संरक्षक रामकुमार रावत, लाल बहादुर राजपूत, राजीव उपाध्याय, आशू यादव व मुकेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।