सहावर। विश्व बैंक की मदद से अलीगंज-सोरों के बीच किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण के काम को कस्बे में रफ्तार दी गई है। भवन स्वामियों को मुआवजा दे दिया गया है। लोगों ने मुआवजा तो ले लिया लेकिन पुश्तैनी संपत्ति जाने का दर्द अब उनकी कसक बढ़ा रहा है। हालांकि कई भवन स्वामियों ने अपने ही आशियानों पर हथौड़े चलाए हैं।
अलीगंज से सोरों के बीच टू-लेन सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इस चौड़ीकरण की हद में सहावर कस्बे की कई दुकानें आई हैं। इन दुकान स्वामियों को सरकार की ओर से मुआवजा राशि दे दी गई है। मुआवजा तो भवन स्वामी ले चुके हैं, लेकिन संपत्ति जाने का उन्हें दर्द है। वहीं कार्यदायी संस्था ने ग्रामीण क्षेत्र के भवन स्वामियों को भी मुआवजा देने के बाद नोटिस थमा दिए हैं। कई भवन स्वामियों ने अपने भवनों पर छेनी हथौड़े चलाए हैं। भवन स्वामी मोहम्मद अहमद का कहना है कि उन्हें मुआवजे की धनराशि कम मिली है और पुस्तैनी संपत्ति भी ली जा रही है। यह दर्द है। कार्यदायी संस्था ने चरणबद्ध तरीके से काम करने की तैयारी की है।। पहले चरण में पटियाली से गंजडुंडवारा, दूसरे चरण में गंजडुंडवारा से सहावर, तीसरे चरण में सहावर से सोरों तक निर्माण कार्य करया जाएगा।
आंकड़े की नजर से-
- 3 चरणों में पूरा होगा काम।
- 170 करोड़ रुपये की लागत से होगा चौड़ीकरण।
- 10 मीटर चौड़ी होगी सड़क।
- 36 किलोमीटर सड़क का होगा चौड़ीकरण।
कई भवन स्वामी असंतुष्ट
कासगंज। दुकान एवं भवन स्वामी कमर आलम, अलाउद्दीन, मुमताज, फरीक अहमद, मोहम्मद अहमद, विजय सिंह, रामप्रकाश, लाल मियां सहित अन्य भवन स्वामियों को मुआवजा दे दिया गया है। इनमें से कई भवन स्वामी ऐसे हैं जो मुआवजे की राशि से संतुष्ट नहीं हैं और मुआवजा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
पटियाली से सोरों के बीच जो काम चल रहा है वह विश्व बैंक द्वारा कराया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग सहयोगी के रूप में काम कर रहा है। अभी हद में आने वाले भवन तुड़वाए जा रहे हैं- सुधीर कुमार, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग।