मृतक बच्चे का फोटो व रोते बिलखते परिजन
आगरा के शहीद नगर में चार साल का मासूम घर के बाहर नाले में गिर गया। एक घंटे बाद उसका शव मिलने पर परिवार में कोहराम मच गया। लोगों ने नगर निगम कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया।
शहीद नगर निवासी राजवीर त्यागी की भगत सिंह प्रतिमा के पास डेयरी है। उनके तीन बच्चे थे। इनमें चार साल का बेटा नमन सबसे छोटा था। परिजनों ने बताया कि गुरुवार दोपहर नमन टॉफी लेने के लिए घर के नीचे ही बनी दुकान पर आया था।
इसके बाद घर नहीं आने पर उसकी तलाश की। इसकी जानकारी पर शहीद नगर पुलिस चौकी पर दी। एक घंटे बाद घर के बाहर ही नाले में राजवीर ने बेटे की चप्पल तैरती देखीं। कुछ देर बाद उसका पैर नजर आ गया।
परिवार में मचा कोहराम
लोगों ने उसे बाहर निकाला और अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। लोगों ने आशंका जाहिर की कि वो खेलते समय नाले में गिर गया होगा।
बेटे नमन की मौत से मां सावित्री का रो-रोकर बुरा हाल था। उसे परिजन किसी तरह संभाल रहे थे। नमन सभी का दुलारा था। परिजनों ने बताया कि राजवीर का बड़ा बेटा अनुज और बेटी नंदनी है।
शहीद नगर के लोगों का कहना था कि नाला चार फुट चौड़ा और छह फुट से अधिक गहरा है। नगर निगम ने नाला खुला छोड़ रखा है। अपने बच्चों की जान सुरक्षा को देखते हुए लोग खुद ही घरों के बाहर पत्थर लगा लेते हैं।
नगर निगम कर्मी हटा देते हैं पत्थर
नगर निगम कर्मी जब भी सफाई करने आते है, तभी पत्थर हटाकर चले जाते हैं। इसके बाद पत्थर नहीं लगाए जाते हैं, जिससे हादसा होता है। कई बार बाइक सवार भी गिर जाते हैं। नगर निगम में पत्र भी लिखा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
नालों में गिरकर कई बार लोगों के मरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद नगर निगम के अफसर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। न तो नालों की दीवार बनाई जाती है और न ही उन्हें ढका जाता है।
नाला काजीपाड़ा में दो साल पहले नाले में गिरकर बच्चे की मौत हो गई थी। मंटोला में कई बार हादसे हो चुके हैं। जगदीशपुरा और सदर क्षेत्र में बच्चे गिरकर मर चुके हैं।