आगरा के दयालबाग स्थित गोशाला का संचालन करने वाली एसपीसीए का पट्टा निरस्त करने और मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने संस्था के सचिव, कोषाध्यक्ष सहित 4 को गिरफ्तार कर लिया। चारों को सोमवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। मामले में कमिश्नर जे रविन्दर गाैड ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम के लिपिक गजेंद्र सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने सोसाइटी फाॅर द प्रिवेंशन आफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (एसपीसीए) संस्था को वर्ष 2003 में खसरा संख्या 81 माैजा जगनपुर में 9680 वर्गगज जमीन पट्टे पर दी गई थी। इसमें बीमार, घायल पशुओं के उपचार और रखरखाव की व्यवस्था निशुल्क करनी थी। कहा गया कि 7 नवंबर को नगर निगम की टीम ने बीमार गोवंशों को गोशाला में पहुंचाया था। मगर, संस्था के सचिव धीरेंद्र शर्मा और कर्मचारियों ने टीम से अभद्रता की। बीमार पशुओं को लेने से इन्कार कर दिया। गोवंशों को संस्था के अंदर गेट के एक तरफ उतरवाया। शाम को पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी अजय कुमार सिंह भी पहुंचे।
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इलाज में मर गए चार गोवंश
पता चला कि गोवंशों का उपचार नहीं किया गया था। वह गेट के पास ही पड़े थे। बाद में दूसरी गोशाला के चिकित्सक को बुलाकर उपचार कराया गया। इलाज में देरी से 4 गोवंश मर गए। इसका वीडियो वायरल हुआ था। इसकी जानकारी पर डीएम ने जमीन का पट्टा निरस्त कराया। रविवार को एसपीसीए डीएम, कमिश्नर और नगरायुक्त निरीक्षण करने पहुंचे।
दर्ज कराया मुकदमा
मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 221, 132, पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया। थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि सोमवार को संस्था के सचिव धीरेंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष अरविंद गांधी, कर्मचारी रामेश्वर और रंजीत को गिरफ्तार किया। धीरेंद्र मदिया कटरा और अरविंद कमला नगर के रहने वाले हैं। चारों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिए गए। मामले में साक्ष्य संकलन किया जा रहा है।