आगरा। एमजी रोड, आगरा कॉलेज, रायपुर रहनकलां में हरियाली उजाड़ने के आरोप में एडीए उपाध्यक्ष, डीएफओ, मेट्रो प्रोजेक्ट डायरेक्टर और प्राचार्य फंस गए हैं। बृहस्पतिवार को सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी (सीईसी) ने सभी मामलों की सुनवाई की। 12 दिसंबर को एडीए उपाध्यक्ष सहित चारों अफसरों को दिल्ली तलब किया है।
फुलट्टी निवासी अपूर्व शर्मा ने दो शिकायत दर्ज कराई थीं। कहा था कि आगरा कॉलेज की चहारदीवारी निर्माण के दौरान हरियाली उजाड़ी गई। वहीं रायपुर रहनकलां में जहां ग्रेटर आगरा टाउनशिप प्रस्तावित है, वहां एडीए द्वारा पेड़ काटे गए हैं। दोनों शिकायतों पर टीटीजेड चेयरमैन व डीएफओ ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद सीईसी में शिकायत दर्ज कराई। बृहस्पतिवार को सीईसी ने सुनवाई की।
शिकायतकर्ता अपूर्व शर्मा ने बताया कि आगरा कॉलेज में चहारदीवारी निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर हरियााली को उजाड़ा गया। पेड़ों की जड़ों के निशान छिपाने के लिए जेसीबी से मिट्टी खोदकर जगह समतल कर दी गई। वन विभाग ने एक मजदूर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर खानापूर्ति की। प्राथमिकी में प्राचार्य का नाम नहीं लिखा। शिकायतकर्ता ने सीईसी के समक्ष बृहस्पतिवार को हरियाली के फोटो, वीडियो व अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। वर्तमान के फोटो व वीडियो भी दिखाए। इसके बाद सीईसी चेयरमैन सिद्धांत दास ने एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली और आगरा कॉलेज प्राचार्य सीके गौतम को 12 दिसंबर को तलब किया है।
दूसरी शिकायत न्यू आगरा निवासी डॉ. शरद गुप्ता ने सीईसी में दर्ज कराई थी। डॉ. गुप्ता का आरोप है कि एमजी रोड पर मेट्रो के एलिवेटिड ट्रैक के लिए पिलर निर्माण के दौरान डिवाइडर से हजारों पेड़ उखाड़ दिए। इन पेड़ों को नगर निगम ने लगाया था। 10 से 12 फीट तक ऊंचे पेड़ थे जिन्हें मेट्रो अधिकारियों ने फूलों के पौधे बताया। इस मामले में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के आगरा प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय को तलब किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने गठित की है सीईसी
सीईसी को सुप्रीम कोर्ट ने गठित किया है जो पर्यावरण से जुड़े मामलों पर सुनवाई करती है। ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में विजन डॉक्यूमेंट पर सुप्रीम कोर्ट ने सीईसी से रिपोर्ट मांगी थी। सीईसी की ओर से दाखिल रिपोर्ट में ताजमहल के 10 किमी. परिधि में सभी तरह के उद्योग धंधों की स्थापना पर रोक लगाने की बात कही है। सीईसी की यह रिपोर्ट पिछले दिनों काफी चर्चा में रही थी।