आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को 4159 मरीज पहुंचे। पर्चा, डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने के लिए मरीजों को तीन से चार घंटे तक लाइन में लगना पड़ा। मरीजों का आरोप है कि घंटों इंतजार के बाद डॉक्टरों ने उनकी पूरी परेशानी सुने बिना एक-दो मिनट में ही दवा लिख दी।
पर्चा...फिर डॉक्टर को दिखाने के लिए 3-4 घंटे तक इंतजार। पर्चा देखा और पूछा और झट से दवा लिख दी। कई घंटे लाइन में लग कर इंतजार करने के बावजूद डॉक्टर साहब ने एक मिनट में ही इलाज लिख दिया। पूरी बात सुनी नहीं और नहीं ढंग से देखा। सैमरा निवासी रुक्साना समेत कई मरीजों की यही व्यथा रही।
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एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार को 4159 मरीज आए। पर्चा-दवा और जांच के लिए धक्कामुक्की झेलनी पड़ी। तीन-चार घंटे तक लाइन में लगना पड़ा। इससे बुजुर्ग और महिला मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। पैरों में दर्द हो गया और कइयों को चक्कर भी आने लगे। यहां मरीजों के बैठने की सीटें कम होने से भी ये दिक्कत हो रही है। मरीजों की व्यथा थी कि भीड़ अधिक होने पर डॉक्टर जल्दबाजी करते हैं, जिससे पूरी बात भी नहीं सुनते। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि सोमवार को अन्य दिनों की मुकाबले भारी भीड़ रहती है। इस दिन अतिरिक्त डॉक्टरों की ड्यूटी भी लगाई जाती है। मरीजों को और बेहतर देखने को निर्देशित करेंगे।
ये बोले मरीज:
चित्रा टॉकीज चौराहा निवासी राहुल कुमार ने कहा कि छोटे भाई को एसएन दिखाने के लिए सुबह नौ बजे लाइन में लगा। धक्कामुक्की के बीच पर्चा बनवाकर डॉक्टर साहब को दिखाने भी लाइन में लगना पड़ा। इसमें तीन-साढ़े तीन घंटे लग गए और डॉक्टर साहब ने एक मिनट में ही दवा लिख दी।
शमशाबाद निवासी रामबेटी ने बताया कि पर्चा बनवाने के लिए सुबह पौने दस बजे से लाइन में लगी। पर्चा, डॉक्टर को दिखाने और फिर दवा लेने में तीन-चार घंटे लाइन में खड़ा रहने से पैरों में दर्द उखड़ आया। बुजुर्गों के लिए बैठने की व्यवस्था करनी चाहिए।
ताजगंज निवासी राजन देवी ने बताया कि सुबह नौ बजे लाइन में लगी। धक्कामुक्की से परेशानी हुई, जैसे-तैसे पर्चा बना और फिर डॉक्टर को दिखाया। वहां से लौटकर दवा लेने के लिए लाइन में लगी। चार-पांच घंटे लग गए। डॉक्टर साहब ने भी पूरी परेशानी नहीं सुनी।