कासगंज। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश गगन कुमार भारती की कोर्ट ने वर्ष 2010 में हुई ट्रेन लूट की घटना में आरोपी बने चार को सुनवाई के बाद साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया। इस वारदात में बदमाशों ने छह यात्रियों के साथ मारपीट कर लूट की घटना को अंजाम दिया था। वादी मुकदमा विमल कुमार सक्सेना, जय सिंह, उनकी पत्नी सुधा, प्रेमपाल, पत्नी राधा पुत्र सुभाष 4 नवंबर 2010 को ट्रेन में सवार थे। इस दौरान बोगी में पहले से ही बैठे बदमाशों ने उनसे मारपीट कर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया। बदमाशों ने घटना को अंजाम देने के बाद सभी को लैट्रिन में बंद कर दिया था। साथ ही बढ़ारी कलॉ स्टेशन पर पहुंचने के दौरान जैसे ही सिग्नल पर ट्रेन धीमी हुई, बदमाश सामान के साथ ट्रेन से उतर कर फरार हो गए। बढ़ारी कला स्टेशन पर ट्रेन के रुकने पर पीड़ितों ने घटना की सूचना गार्ड को दी।
इसके बाद जीआरपी मौके पर पहुंची। बदमाशों ने विमल सक्सेना से 15000 रुपये नकद, एक एक मोबाइल व अन्य सामान, जयसिंह से मोबाइल के साथ 700 रुपये नकद, प्रेमपाल से मोबाइल तथा उनकी पत्नी राधा के आभूषण और 3000 रुपये नकद और पुत्र सुभाष से 1000 रुपये नकद, व एक अन्य यात्री से 4000 रुपये नकद लूटे थे।
मामले की प्राथमिकी जीआरपी में दर्ज कराई गई। पुलिस ने 16 नवंबर 2010 को पुलिस ने मनोज, राजकुमार, ब्रजेश, राजीव एवं अखिलेश एक अन्य ट्रेन लूटने की योजना बनाते गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनमें से मनोज, राजकुमार, ब्रजेश व अखिलेश को 4 नवंबर को हुई ट्रेन लूट की घटना में शामिल होना दर्शाया। इनसे मोबाइल, तोडिया, कुंडल व 1470 रुपये बरामदगी दर्शायी। कोर्ट में पीड़ितों ने स्वयं की मौजूदगी में माल बरामदगी से इंकार कर दिया। अभियोजन पक्ष चारों आरोपियों का दोष सिद्ध नहीं कर पाया। इसके बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।