मैनपुरी। थाना कुरावली के गांव जुन्हैसा की रहने वाली एक महिला ने 25 साल तक मुकदमा लड़ा। उसने अदालत में उपस्थित होकर अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसको अदालत उठने तक की सजा सुनाई गई। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम जसीम खान ने आरोपी महिला हसीना बेगम पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
गांव जुन्हैसा की रहने वाली रामदेवी को गांव की रहने वाली हसीना बेगम, लीलाधर, हरविलास ने वर्ष 1999 में मामूली विवाद के बाद एक राय होकर पीटा। रामदेवी की हाथ की हड्डी टूट गई। इलाज कराने के बाद रामदेवी ने तीनों के खिलाफ थाना कुरावली में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच करने के बाद तीनों को दोषी पाकर मुकदमे की सुनवाई के लिए उनके खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के न्यायालय में की गई।
न्यायालय में हसीना बेगम लगातार हर तारीख पर हाजिर हुई। लगातार तारीखें करने के बाद हसीना बेगम ने मुकदमे का जल्द निस्तारण कराने के लिए न्यायालय में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम जसीम खान ने हसीना बेगम पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। उसको अदालत उठने तक की सजा सुनाई है। लीलाधर और हरविलास के न्यायालय में हाजिर नहीं होने पर उनकी फाइल अलग कर दी गई है।