आगरा में सपा-बसपा गठबंधन से भले सियासी समीकरण बदल गए हों, लेकिन टिकट बंटवारा मायावती के लिए चुनौती साबित हो सकता है। चुनाव से पहले बसपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रहे देवेंद्र कुमार चिल्लू ने पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस का हाथ थाम लिया है।
लखनऊ में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने देवेंद्र सिंह चिल्लू को उनके समर्थकों के साथ पार्टी की सदस्यता ग्रहण करवाई। चिल्लू कई वर्षों से बसपा में थे। 2008 में मायावती सरकार ने उन्हें दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बनाया। वो बसपा में कई महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं।
पिछले कुछ दिनों से देवेंद्र सिंह चिल्लू बसपा में हाशिये पर थे। इस बीच हाथरस के बसपा नेता मनोज सोनी को आगरा का लोकसभा प्रभारी बना दिया गया। सोनी का नाम आगरा सुरक्षित सीट से फाइनल माना जा रहा है। बाहरी नेता को जिम्मेदारी सौंपने जाने पर देवेंद्र कुमार नाराज थे।
देवेंद्र कुमार से पहले अपने बगावती तेवर के चलते कुंवरचंद वकील भी बसपा से बाहर हो चुके हैं। कुंवरचंद ने टिकट की दावेदारी पेश करते हुए शहर में होर्डिंग लगवाए थे। इसके बाद इन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते बसपा से निकाल दिया गया। कुंवरचंद वकील वर्ष 2009 में बसपा की टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके थे।