मंदिर के सेवायतों से जानकारी करते पूर्व डीजीपी
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सेवायतों ने बताई सच्चाई
जांच अधिकारी ने बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत शैलेंद्र गोस्वामी, बालकिशन गोस्वामी, ज्ञानेंद्र किशोर गोस्वामी और रजत गोस्वामी से हादसे से संबंधित वार्ता की। सेवायतों ने सच्चाई बताते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात मंदिर में पहले से ही भारी भीड़ एकत्रित थी। मंगला आरती से ठीक पहले एक साथ पांचों दरवाजों को खोलने से जहां भीड़ का दबाव मंदिर प्रांगण में प्रवेश कर गया। भीड़ को नियंत्रित कर मंदिर में प्रवेश न कराया जाना दुर्घटना का प्रमुख कारण रहा। सेवायतों ने अधिकारियों की शिथिल कार्यप्रणाली से भी जांच अधिकारी को अवगत कराया। बांकेबिहारी मंदिर प्रबंधक मुनीष शर्मा भी थे।
क्या था मामला
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मंगला आरती के दौरान ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में भगदड़ के बाद दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और 70 से अधिक लोग घायल हो गए थे, जिनमें सात लोग गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सीएम ने घटना की जांच के लिए रिटायर्ड डीजीपी सुलखान सिंह के नेतृत्व में जांच टीम गठित की थी। टीम से 15 दिन में रिपोर्ट भी मांगी है।