राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल के स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शताब्दी वर्ष समारोह की शृंखला में शनिवार को विशेष कार रैली आगरा आई। समारोह का नेतृत्व धौलपुर मिलिट्री स्कूल के पूर्व छात्र और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया। समारोह में पूरे प्रदेश के 130 पूर्व छात्रों ने सहभागिता की। अतिथियों को स्मृति-चिह्न एवं शील्ड देकर सम्मानित किया गया।
यह रैली धौलपुर, बेलगाम, बंगलूरू और अजमेर मिलिट्री स्कूल से गुजरती हुई शनिवार को आगरा पहुंची। धौलपुर मिलिट्री स्कूल के पूर्व छात्र कर्नल जीएम खान ने बताया राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में यह कार रैली निकाली जा रही है। रैली सभी मिलिट्री स्कूलों से होती हुई चैल (शिमला) मिलिट्री स्कूल पर समाप्त होगी। होटल मुगल में रैली के स्वागत कार्यक्रम में आगरा समेत पूरे प्रदेश के 130 पूर्व छात्रों ने शिरकत की। सभी को स्मृति चिह्न और शील्ड देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान पूर्व छात्रों ने आगरा में भी सैनिक अथवा मिलिट्री स्कूल स्थापित करने की मांग दोहराई।
स्कूल ने सिखाया नेतृत्व करना
नेतृत्व का असली अर्थ मैंने मिलिट्री स्कूल में सीखा। निर्णय लेने की ताकत और दूसरों को साथ लेकर चलने की कला, यहीं से मिली। मिलिट्री स्कूल ने हमें सिखाया कि हार मानना विकल्प नहीं है। जीवन के हर उतार-चढ़ाव में नेवर गिव अप का मंत्र यहीं से मिला।
- अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री एवं स्कूल के पूर्व छात्र
हर चुनौती को पार करने की मिलती है क्षमता
मिलिट्री स्कूल ने हमें सिखाया कि लड़ाई सिर्फ मैदान में नहीं, जीवन के हर क्षेत्र में होती है। साथियों के साथ रहकर हर चुनौती पार करने की क्षमता वहीं से मिली।
-कर्नल संजीव अग्निहोत्री, पूर्व छात्र
स्कूल ने पढ़ाया अनुशासन का पाठ
यहां हमें सिखाया गया कि अनुशासन सिर्फ स्कूल तक सीमित नहीं रहता बल्कि जीवन भर हमारी पहचान बन जाता है। अनुशासित जीवन तमाम समस्याओं का हल है। -
कर्नल धर्मेंद्र सिंह यादव, पूर्व छात्र
स्कूल नहीं परिवार है यह
मिलिट्री स्कूल हमारे लिए सिर्फ शिक्षा का स्थान नहीं रहा बल्कि यह एक परिवार है। यहां बने रिश्ते जीवन भर साथ चलते हैं और हर मुश्किल में सहारा देते हैं। -
ब्रिगेडियर राजीव सरीन, पूर्व छात्र
देशभक्ति का बीज बोया
देशभक्ति का असली बीज हमारे भीतर मिलिट्री स्कूल ने ही बोया है। जब-जब तिरंगा देखा, दिल में वही गर्व महसूस हुआ जो पहली बार मिलिट्री स्कूल में परेड के समय महसूस किया था।
-अहमद अली, पूर्व छात्र