मैनपुरी। एलाऊ स्थित डाकघर में हुए घोटाले की मामले में पोस्टमास्टर पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, जांच टीम अब भी डाकघर में डाटा खंगाल रही है। हालांकि प्राथमिक जांच में कैश गायब होने की पुष्टि हुई है। डाकघर से लगभग 65 से 70 हजार रुपये का कैश कम है।
वहीं, अभी तक की जांच में सभी खातों को चेक नहीं किया जा सका है। डाकघर एलाऊ में तैनात पोस्ट मास्टर हिमांशू पांडेय अचानक कहीं गायब हो गए थे। वहीं ग्रामीण धनराशि के गबन का आरोप लगा रहे थे। इसी शिकायत पर जांच शुरू हुई थी। जांच टीम एलाऊ डाकघर में कई दिनों से अभिलेख खंगाल रही है।
सूत्रों के अनुसार अब तक की जांच में केवल डाकघर के कैश का मिलान पूरा होने के बाद कैश गायब होने की पुष्टि हुई है। अभिलेखों की जांच में पता चला है कि डाकघर से लगभग 65 से 70 हजार रुपये का कैश कम है। ऐसे में साफ है कि ये कैश पोस्टमास्टर अपने साथ ले गए।
हालांकि डाकघर में कुल कैश कितना था, इस बारे में विभाग कोई जानकारी देने को तैयार नहीं है। अब दूसरे चरण में ग्राहकों की खातों की पड़ताल की जा रही है। इससे ये पता चल सके कि किसके खाते से कितने रुपये निकाले गए। अगर रुपये निकाले गए तो कब और किसने निकाले।
वहीं डाक अधीक्षक ने जांच अधिकारी अभिषेक पांडये को कैश गायब होने की पुष्टि के बाद पोस्ट मास्टर पर एफआईआर कराने के आदेश दिए गए हैं। एलाऊ थाने में उनके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।
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आखिर क्यों दी पासबुक
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने अपनी स्वेच्छा से पोस्टमास्टर एलाऊ हिमांशू पांडये को अपने खातों की पासबुक दी थीं। ऐसे में सवाल ये है कि ग्राहकों को ऐसा क्या भरोसा था, जो उन्होंने अपनी पासबुक तक दे दी। जबकि पासबुक पर ही साफ-साफ निर्देश लिखे हैं कि पासबुक किसी भी व्यक्ति को न दें। सवाल कई हैं, लेकिन इन सबका जवाब पोस्टमास्टर के मिलने के बाद ही पता चल सकेगा।
मामले की जांच चल रही है। जांच अधिकारी को पोस्टमास्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए आदेशित किया गया है। अंतिम निर्णय जांच पूरी होने के बाद ही लिया जा सकेगा।
-विनय द्विवेदी, डाक अधीक्षक।