आगरा। जंगलों, पेड़ों और पर्यावरण की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए अधिवक्ता केसी जैन के पत्र पर प्रधानमंत्री कार्यालय का सकारात्मक रुख दिखा है। मंत्रालय ने इन सुझावों पर आधिकारिक जवाब देकर स्थिति को स्पष्ट किया है।
अधिवक्ता केसी जैन ने बताया कि भारत वन स्थिति रिपोर्ट (आईएसएफआर) को जल्दी प्रकाशित करने का सुझाव दिया था। जिला स्तर पर पेड़ों, कार्बन भंडार और नुकसानदेह पौधों की जानकारी देने की बात कही थी। सरकार ने बताया कि आईएसएफआर हर दो साल में जारी होती है। डाटा जांच में करीब 18 महीने और रिपोर्ट छापने में 4 से 5 महीने लगते हैं। जिला स्तर के डाटा के लिए पर्याप्त सैंपल प्लॉट्स की कमी है। भविष्य में प्लॉट्स की संख्या बढ़ने पर जिला स्तर की जानकारी भी प्रकाशित की जाएगी। भारत का कुल वन और वृक्ष आवरण 8,27,357 वर्ग किलोमीटर है, जो कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 25.17 फीसदी है। देश का वन कार्बन भंडार वर्ष 2019 से 2023 तक 161 से बढ़कर 7,285 मिलियन टन हो गया है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने उनके सभी सुझावों का स्वागत किया है।