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तस्वीरें: भारतीय संस्कृति के कायल हुए विदेशी प्रेमी युगल, अग्नि को साक्षी मान लिए सात फेरे

Sun, 25 Nov 2018 05:14 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला वृंदावन (मथुरा)
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हिंदू रीति रिवाज से शादी करते विदेशी जोड़े - फोटो : अमर उजाला
वृंदावन में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार रविवार को दो विदेशी जोड़े वैवाहिक बंधन में बंध गए। वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य इन जोड़ों ने अग्रि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। एक-दूसरे के गले में वरमाला डाली और जीवन भर साथ रहने का वचन लिया। 
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हिंदू रीति रिवाज से शादी करते विदेशी जोड़े - फोटो : अमर उजाला
भारतीय दूल्हा-दुल्हन की वेशभूषा में विदेशी युगल अपने विवाह से बेहद खुश दिखे। वृंदावन के भूत गली स्थित वृंदा कुंज में इनके विवाह का आयोजन किया गया। इस मौके पर विदेशी भक्तों ने हरे राम हरे कृष्ण के संकीर्तन पर दोनों जोड़ों को आशीर्वाद दिया। 
 
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हिंदू रीति रिवाज से शादी करते विदेशी जोड़े - फोटो : अमर उजाला
बेंगलुरु के पंडित महाकाल और दक्षिण अमेरिका के आंद्रे ने कोलंबिया के मोहनवंशी दास और ब्रह्म संहिता, पेरू के मुकुंद माधवदास और जापान की केशीघाट देवीदासी का विवाह संपन्न कराया। कन्यादान की रस्में उनके वृंदा कुंज के परमद्वैतयी और वृंदावन चंद्र ने निभाईं। 

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विदेशी जोड़ों ने रचाई शादी - फोटो : अमर उजाला
शादी के बाद विदेशी दूल्हा-दुल्हन ने कहा कि भारतीय संस्कृति दुनिया की अन्य संस्कृतियों से श्रेष्ठ है। कार्तिक मास में हम यहां आए। यहां की संस्कृति और सभ्यता के कायल हो गए। इसीलिए उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह करने का फैसला किया। 
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हिंदू रीति रिवाज से शादी करते विदेशी जोड़े - फोटो : अमर उजाला
मोहनवंशीदास ने बताया कि वो बचपन से ही भगवान कृष्ण के भक्त रहे हैं। गीता का भी वो नियमित पाठ करते हैं। भगवान कृष्ण को ही अपना इष्ट मानते हैं। इनकी शादी के अमेरिका, कनाडा, रूस आदि देशों के कई विदेशी भी साक्षी बने। यह भारतीय संस्कृति का ही आकर्षण है, जो इन विदेशी युगलों को वृंदावन तक खींच लाया। 
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