केंद्रीय हिंदी संस्थान में रह रही एक विदेशी छात्रा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। वह संस्थान के बाकी विद्यार्थियों के साथ झगड़ रही है। उसकी गतिविधियों को देखते हुए संस्थान प्रशासन ने संबंधित देश के दूतावास को अवगत कराया है। छात्रा को उसके देश भेजने की व्यवस्था करने के लिए दो बार पत्र भी लिखा है।
केंद्रीय हिंदी संस्थान का शैक्षणिक सत्र 30 अप्रैल को पूरा हो चुका है। विदेशी विद्यार्थियों को कोरोना संकट की वजह से मई और जून की अतिरिक्त छात्रवृत्ति दी गई है। संस्थान में शैक्षणिक सत्र 2019-20 में कुल 87 विदेशी छात्र थे, इसमें से 22 अभी भी रह गए हैं, बाकी अपने देश जा चुके हैं।
अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभागाध्यक्ष प्रो. उमापति दीक्षित के मुताबिक जिस छात्रा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, उसके देश के दूतावास से कहा गया है कि वह छात्रा को विशेष विमान से भिजवाएं या फिर दूतावास में रहने की व्यवस्था करें, जिससे उसका दिल्ली में इलाज हो सके।
उन्होंने बताया कि छात्रा के प्रवेश के समय जो स्वास्थ्य प्रमाणपत्र दिया गया था उसमें किसी बीमारी का उल्लेख नहीं किया गया था। अब पता चला है कि छात्रा नियमित दवा लेती थी। उसके पास वर्ष 2014 का डॉक्टर का पर्चा मिला है, उससे पता चला कि छात्रा को मानसिक समस्या है। संबंधित देश की तीन और छात्राएं संस्थान में रह रहीं हैं।