मथुरा के राधाकुंड में 40 वर्षों से गोवंश की सेवा करने वाली जर्मनी की फ्रेडरिक इरिना ब्रूनिंग 'सुदेवी दासी' की गुहार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सुना है। सुषमा स्वराज ने सुदेवी दासी के वीजा की अवधि न बढ़ाए जाने पर अफसरों से रिपोर्ट मांगी है।
'जर्मन माई' के नाम से प्रसिद्धि पा चुकीं सुदेवी दासी को राष्ट्रपति द्वारा गो सेवा के लिए पदमश्री से सम्मानित किया जा चुका है। सुदेवी के वीजा की अवधि 25 जून को समाप्त हो रही है। उन्होंने वीजा अवधि बढ़वाने के लिए प्रार्थना पत्र भेजा था, जिसे स्वीकार नहीं किया गया।
इस पर सुदेवी दासी ने कहा था कि जब गायों की सेवा ही छूट जाएगी और जर्मनी वापस चली जाऊंगी तो पद्मश्री सम्मान का क्या करूंगी। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। अब सुदेवी दासी की गुहार सुषमा स्वराज तक पहुंच गई है।