मथुरा। पति-पत्नी के विवाद मेें अपनी छह साल बेटी की हत्या कर शव को कुएं में फेंकने वाले पिता को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पिता पर अपने एक पुत्र की भी हत्या करने का आरोप है। इस संबंध पत्नी ने थाना बरसाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
राधा की नगरी कामा भरतपुर राजस्थान निवासी सुरेन्द्र का अपनी पत्नी फूलवती से विवाद चल रहा था। पत्नी फूलवती अपने मायके खड़वाई सिकंदरा आगरा में अपनी छह वर्ष की पुत्री लक्ष्मी के साथ रह रही थी। पति सुरेन्द्र अपने दो पुत्रों भरत और गजेन्द्र को साथ लेकर 11 अप्रैल 2017 को पत्नी फूलवती के पास गया था, इसके बाद बेटी लक्ष्मी को अपने साथ ले आया।
पति ने बेटी लक्ष्मी को बरसाना से छाता रोड पर गांव आजनौख के पास मारकर कुएं में फेंक दिया। बरसाना पुलिस को अगले दिन 12 अप्रैल 2017 को बच्ची का शव मिला था। पहचान न होने पर पुलिस ने अज्ञात में लिखा-पढ़ी कर उसका पोस्टमार्टम कराया।
बाद में सुरेन्द्र ने अपनी बहन सरोज को बेटी लक्ष्मी की हत्या की जानकारी दी। जिसके बाद 07 मई 2017 को बच्ची के शव से मिले कपड़ों व फोटो आदि से उसकी शिनाख्त की गई। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट न्यायाधीश डा. बब्बू सारंग द्वारा की गई।
बुधवार को न्यायाधिकारी द्वारा सुरेन्द्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एडीजीसी गोवर्धन सिंह यादव ने बताया कि अभियुक्त वारदात के बाद से ही जेल में है। अभियुक्त सुरेन्द्र ने न्यायालय में स्वीकार किया था कि उसने अपने एक पुत्र भरत को भी मार कर कीठम झील में फेंक दिया था। बताते हैं कि इसमें सारे गवाह पक्ष द्रोही हो गए।