टूंडला के गांव नगला गोला में गमजदा परिवार
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टूंडला। गांव नगला गोला में मंगलवार रात को राजमिस्त्री सहित उसका परिवार फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गया। परिवार के सदस्यों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान राजमिस्त्री की मौत हो गई।
नगला गोला निवासी सुभाष (40) राज मिस्त्री का कार्य करता है। मंगलवार रात उसके घर आलू-टमाटर की सब्जी और चावल-रोटी बनी थी। पूरे घर ने खाया था। खाना खाकर पूूरा परिवार सो गया था। रात करीब 10 बजे सुभाष चंद्र की अचानक तबियत बिगड़ने लगी। उसे उल्टी होने लगी तो परिजन घर पर ही उसकी देखभाल करने लगे। सुबह होते-होते परिवार के अन्य सदस्यों की भी तबियत बिगड़ने लगी। सभी को ट्रॉमा सेंटर भर्ती कराया गया।
ट्रॉमा सेंटर में उपचार के दौरान सुभाष की मौत हो गई जबकि उसकी पत्नी विरमा देवी 35, बेटा आशीष 13, शिवानी 10, आर्यन 08 का अस्पताल में उपचार चल रहा है। फूड प्वाइजनिंग किस चीज से हुई और कैसे हुई इस बात का पता नहीं चल सका था। परिजनों ने शव का बिना पोस्टमार्टम कराए ही अंतिम संस्कार कर दिया।
परिजनों ने समझा था साधारण उल्टी-दस्त
टूंडला। रात में राजमिस्त्री की तबियत बिगड़ने पर परिजनों ने साधारण उल्टी-दस्त होना समझा था। मृतक राजमिस्त्री सुभाष के भाई विपिन ने बताया कि रात्रि में केवल उसके भाई को उल्टियां हुईं थीं। मध्यरात्रि में अन्य परिजनों को हल्की उल्टियां हुई तो उन्हें अस्पताल ले जाना चाहा, लेकिन मृतक भाई ने रात होने पर उसे रोक दिया। सुबह पांच बजे वह पूरे परिवार को लेकर ट्रॉमा सेंटर गया। जहां उपचार के दौरान भाई की मौत हो गई।
पोस्टमार्टम कराया होता तो शायद चल जाता पता
टूंडला। राजमिस्त्री की मौत के बाद परिजन शव को घर ले आए। परिजनों ने शव का बिना पोस्टमार्टम कराए ही अंतिम संस्कार कर दिया। अगर परिजन मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराते तो शायद खाने में क्या था। इसकी जानकारी हो जाती।