गर्मी में दूषित खाद्य पदार्थों से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए खाद्य विभाग ने नींबू पानी, गन्ने का रस, शेक और आइसक्रीम समेत 22 नमूने लिए हैं। नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है और रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य विभाग ने गर्मी में दूषित खाद्य सामग्री से होने वाली बीमारी से बचाने के लिए ठेल-ढकेल पर बिकने वाले नींबू पानी, गन्ने का रस, आइसक्रीम समेत 22 खाने-पीने की सामग्री के नमूने लिए हैं।
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सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मुख्यालय के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया गया। इसके लिए आठ टीमों ने आइसकैंडी, बनाना शेक, मैंगो शेक, स्ट्रॉबेरी शेक, पाइनएप्पल जूस, गन्ने का जूस, नींबू शिकंजी और नामी कंपनियों की आइसक्रीम समेत 22 नमूने लिए हैं।