आगरा। खाद्य विभाग की टीम ने आगरा कैंट स्टेशन के पास छापा मारकर पार्सल घर के निकट 40 क्विंटल मिलावटी खोआ पकड़ा। हालांकि, मालिक मौके से भाग निकला। खोआ दिल्ली, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ भेजा जा रहा था। शुक्रवार तक मालिक के नहीं आने पर खोआ नष्ट करा दिया जाएगा। मिलावटी खोआ स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होता है।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि आगरा कैंट स्टेशन से पार्सल के जरिये मिलावटी-घटिया खोआ कई राज्यों में भेजा जा रहा है। सूचना पर खाद्य निरीक्षकों की टीम ने बुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे स्टेशन के पास छापा मारा। पार्सल घर से चंद कदम दूर खोआ से भरे 80 बोरे मिले। एक बोरे का वजन 50 किलो था।
टीम ने आसपास पूछताछ की तो पता चला कि कुछ देर पहले खोआ के पास एक व्यक्ति खड़ा था लेकिन टीम को देखकर भाग निकला। खोआ बेहद असुरक्षित स्थिति में मिला। कोल्डचेन का भी पालन नहीं हो रहा था। इसके मिलावटी और दूषित होने की आशंका है। टीम ने खोआ जब्त कर लिया। बरामद खोआ की कीमत करीब 12 लाख रुपये है।
सहायक आयुक्त ने बताया कि शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक साईं के तकिया स्थित कार्यालय में मालिक के नहीं आने पर जांच के नमूना लेकर खोआ को नष्ट करा दिया जाएगा।
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मांग पर होती है आपूर्ति
सहायक आयुक्त ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि एजेंट खोआ को मांग के आधार पर विभिन्न राज्यों में खपाता है। ये खोआ दिल्ली, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ में भेजा जा रहा था। इसके धौलपुर से आने की आशंका है। अभी जांच कराई जा रही है। खाद्य विभाग की टीम ने बीते साल अक्तूबर में आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन के पार्सल घर के बाहर 29 बोरियों में भरा 1540 किलो मिलावटी खोआ पकड़ा था।
खोआ के 85 फीसदी नमूने फेल
बीते साल भेजे गए खोआ के 45 नमूनों की रिपोर्ट खाद्य विभाग को मिली, जिसमें 39 नमूने (करीब 85 फीसदी) फेल मिले। इसमें पांच नकली और 34 में मिलावट की पुष्टि हुई। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि नकली खोआ हाथ में लेने पर जल्दी चिकनाई छोड़ देता है, क्योंकि इससे दूध के वास्तविक वसा को निकालकर अतिरिक्त तेल का इस्तेमाल किया जाता है। सही जांच लैब में ही संभव है। मिलावटी-नकली सामग्री की शिकायत टोल फ्री नंबर 18001805533 पर कर सकते हैं।
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किडनी-पेट रोग के लिए सबसे ज्यादा खतरा
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि मिलावटी और नकली खोआ के उपयोग से फूड पाॅइजनिंग का खतरा अधिक रहता है। लंबे समय तक इसके उपयोग से किडनी और पेट संबंधी रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही मधुमेह की बीमारी भी हो सकती है।